रायपुर: मनरेगा का नाम बदलने, रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने आज जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए विधानसभा का घेराव किया। पहले से घोषित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखा तरीका अपनाते हुए नाली से गैस चूल्हा जोड़कर चाय बनाकर विरोध दर्ज कराया। इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए महंगाई और आम जनता की समस्याओं को उजागर करने की कोशिश की गई। स्थिति उस वक्त और गरमा गई जब कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़ते हुए विधानसभा की ओर कूच करने की कोशिश की। पुलिस प्रशासन ने मौके पर टीन का शेड लगाकर और भारी सुरक्षा बल तैनात कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभा को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2028 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनेगी और 2029 में राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। उस समय मनरेगा की राशि को डेढ़ गुना तक बढ़ाया जाएगा। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट बघेल ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सोच गरीबों को रोजगार का अधिकार देने की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने मनरेगा को कमजोर किया है। उन्होंने गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि आम जनता को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। अपने भाषण में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर विवादित टिप्पणी भी की, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्मा गया। कुल मिलाकर, आज का यह प्रदर्शन प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है और आने वाले समय में इस पर सियासत और तेज होने की संभावना है। ये भी पढ़े : मनरेगा, महंगाई और किसानों के मुद्दे पर आज कांग्रेस का विधानसभा घेराव Post navigation छत्तीसगढ़ बोर्ड में हिंदी पेपर लीक का विवाद, सोशल मीडिया से उठी चिंगारी अब जांच के घेरे में लाइव :छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष का जोरदार हंगामा: जंबूरी घोटाले, अतिथि शिक्षक और सस्ती जमीन आवंटन पर सरकार घिरी