रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज की कार्यवाही काफी हंगामेदार रही। कांग्रेस विधायकों ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरा, वहीं कुछ सवालों के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने वॉकआउट भी किया।

जंबूरी कार्यक्रम पर उठे सवाल

कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने बालोद में आयोजित जंबूरी कार्यक्रम में अनियमितताओं का मामला उठाया। उन्होंने पूछा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही काम कैसे शुरू हो गया और महज चार दिनों में पूरा आयोजन कैसे तैयार हो गया।

इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब देने से पहले शायरी सुनाई और कहा कि “नेशनल और राज्य स्तर के काम अलग-अलग होते हैं।” उन्होंने दावा किया कि आयोजन की प्रक्रिया उनके कार्यकाल से पहले ही तय हो चुकी थी और किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है।

हालांकि विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिखा और जांच की मांग करते हुए सदन में तीखी बहस हुई।

युक्तियुक्तकरण और स्कूलों की स्थिति

भाजपा विधायक सुनील सोनी ने स्कूलों के युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) का मुद्दा उठाया। उन्होंने खाली पड़े स्कूल भवनों के उपयोग और जर्जर इमारतों की स्थिति पर सवाल किए।

मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि हजारों स्कूलों को एकीकृत किया गया है और नई योजना के तहत खाली भवनों का उपयोग स्मार्ट क्लास और अन्य सुविधाओं के लिए किया जाएगा। जरूरत के अनुसार मरम्मत के लिए बजट जारी करने की बात भी कही गई।

अतिथि शिक्षकों पर टकराव, विपक्ष का वॉकआउट

विधायक विक्रम मंडावी ने अतिथि शिक्षकों के वेतन और नियमितीकरण का मुद्दा उठाया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अतिथि शिक्षकों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह उपस्थिति के आधार पर दिया जाता है और फिलहाल नियमितीकरण की कोई योजना नहीं है।

इस जवाब पर विपक्ष ने सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि वादे पूरे नहीं किए जा रहे हैं। जोरदार नारेबाजी के बीच विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

सस्ती दर पर जमीन आवंटन पर हंगामा

उद्योगों को कम दर पर जमीन दिए जाने के मुद्दे पर भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक द्वारकाधीश यादव ने सवाल उठाया कि बड़े भूखंड बेहद कम कीमत पर किस नियम के तहत दिए गए।

इस पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि यह आवंटन औद्योगिक नीति के तहत और सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को नियमसम्मत बताया, लेकिन विपक्ष ने इस पर भी कड़ा विरोध जताया।

पूर्व नक्सलियों ने देखी कार्यवाही

आज सदन की कार्यवाही देखने के लिए 140 आत्मसमर्पित नक्सली भी पहुंचे, जिनमें 54 महिलाएं और 86 पुरुष शामिल थे।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *