बलौदाबाजार: ट्रैक्टर जब्ती के बाद किसान ने पी कीटनाशक, नायब तहसीलदार पर 50 हजार रुपए मांगने का आरोप जोहर पोस्ट डेस्क | बलौदाबाजार बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ की गई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद एक किसान द्वारा कीटनाशक पीने का मामला सामने आया है। किसान पक्ष ने महिला नायब तहसीलदार पर ट्रैक्टर छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपए मांगने का आरोप लगाया है, जबकि संबंधित अधिकारी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार कसडोल विकासखंड के ग्राम चांटीपाली निवासी किसान कमल ओगरे के परिवार का आरोप है कि शुक्रवार को महानदी से रेत लेकर लौट रहे ट्रैक्टर को प्रशासनिक टीम ने रोककर जब्त कर लिया। परिवार का कहना है कि ट्रैक्टर छोड़ने के लिए 50 हजार रुपए की मांग की गई थी। किसान के बेटे राज ओगरे ने आरोप लगाया है कि उनके साथ पकड़े गए अन्य ट्रैक्टरों को छोड़ दिया गया, जबकि उनका ट्रैक्टर थाने में खड़ा करवा दिया गया। परिवार का दावा है कि इसी विवाद और तनाव के बाद किसान कमल ओगरे ने कीटनाशक पी लिया। अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर कीटनाशक सेवन के बाद परिजनों ने किसान को तत्काल कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच गई और वर्तमान में उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अवैध रेत परिवहन पर हुई थी कार्रवाई प्रशासनिक जानकारी के अनुसार संबंधित ट्रैक्टर के खिलाफ अवैध रेत परिवहन के मामले में कार्रवाई की गई थी। ट्रैक्टर की जब्ती इसी कार्रवाई का हिस्सा थी। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई नियमानुसार की गई। नायब तहसीलदार ने आरोपों को बताया निराधार नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने अपने ऊपर लगाए गए रिश्वत मांगने के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कथित रिश्वत मांगने संबंधी आरोपों के समर्थन में अब तक कोई वैध दस्तावेज या प्रमाण उनके सामने नहीं आया है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई के दौरान उन्हें विभिन्न प्रकार की धमकियां मिल रही थीं और जांच में पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। विधायक ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग घटना की जानकारी मिलने के बाद कसडोल विधायक संदीप साहू अस्पताल पहुंचे और किसान से मुलाकात की। विधायक ने कहा कि यदि किसी स्तर पर अवैध वसूली हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश मामले के सामने आने के बाद बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने संज्ञान लेते हुए एसडीएम को जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिश्वत मांगने के आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल क्या है स्थिति? फिलहाल किसान उपचाराधीन है और खतरे से बाहर बताया जा रहा है। वहीं रिश्वत मांगने के आरोप और नायब तहसीलदार के इनकार के बीच पूरा मामला जांच के दायरे में है। प्रशासनिक रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। Post navigation सूरजपुर में मौत बनकर खड़ा था ट्रक! एक ही टक्कर में बुझ गए तीन घरों के चिराग, गुस्साई भीड़ ने फूंक दिया वाहन, देखिए VIDEO गॉडज़िला एल-नीनो का खतरा! उदंती-सीतानदी की 800 झिरियाएं बनीं वन्यजीवों की जीवनरेखा…ट्रैप कैमरे में कैद मस्ती करते दिखे हाथी और शावक