छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर सिस्टम से मानसून फिर सक्रिय हो गया है। अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी है। बिलासपुर में जलभराव के कारण स्कूल बंद, जबकि रायगढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौत हुई। रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के असर से मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना जताई है। इसके साथ ही आने वाले एक सप्ताह तक अलग-अलग जिलों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। शुक्रवार को भी कई जिलों के लिए तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी रायपुर, दुर्ग समेत कई क्षेत्रों में रात से ही रुक-रुककर बारिश हो रही है। बिलासपुर में रातभर बारिश, कई कॉलोनियां जलमग्न बिलासपुर में गुरुवार दोपहर शुरू हुई बारिश देर रात तक जारी रही। लगातार बारिश के कारण श्रीकांत वर्मा मार्ग, हंसा विहार, मित्र विहार, सरकंडा का बंधवापारा, जोरापारा, शिवम होम्स सहित कई निचले इलाकों में पानी भर गया। कई सड़कों पर जलभराव इतना बढ़ गया कि लोगों को अपनी बाइक धक्का देकर निकालनी पड़ी। कुछ कॉलोनियों में पानी घरों तक पहुंच गया। हालात को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शुक्रवार को जिले के स्कूलों में अवकाश घोषित किया। रायगढ़ में आकाशीय बिजली की चपेट में आई महिला रायगढ़ जिले में गुरुवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से 55 वर्षीय प्रभा एक्का की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार वह जंगल में पुटू (जंगली मशरूम) बीनने गई थीं। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही जान चली गई। मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर पूरे प्रदेश में दिखाई देगा। अगले तीन दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि अगले सात दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी। रायपुर में शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहने, बीच-बीच में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। अब तक सामान्य से कम बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई। इसके बावजूद 1 जून से अब तक छत्तीसगढ़ में औसत से करीब 31 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश के 32 जिलों में से 16 जिले अब भी बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं, जबकि 14 जिलों में वर्षा सामान्य श्रेणी में है। सबसे अधिक बारिश कहां हुई? इस सीजन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे अधिक बारिश वाला जिला बना हुआ है। यहां सामान्य से करीब 74 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं मुंगेली में भी सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। इसके अलावा बलौदाबाजार, बलरामपुर, दंतेवाड़ा, जांजगीर-चांपा, महासमुंद, रायपुर और सक्ती जैसे जिलों में बारिश सामान्य के आसपास बनी हुई है, जबकि कुछ जिलों में अब भी वर्षा का स्तर औसत से कम है। किसानों के लिए राहत की उम्मीद जुलाई का समय खरीफ फसलों की बुआई के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। जिन जिलों में अब तक कम बारिश हुई है, वहां धान सहित अन्य फसलों की बुआई और शुरुआती बढ़वार प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अच्छी बारिश होती है, तो खेतों में नमी बढ़ेगी और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। Post navigation भिलाई में नर्सिंग छात्रा खुशी साहू की हत्या: एकतरफा प्यार में आरोपी पिंटू साहू ने रची साजिश, 24 घंटे में पुलिस ने किया गिरफ्तार NEET में तीसरी बार असफल होने पर छात्रा ने की आत्महत्या, जगदलपुर में दर्दनाक घटना