रायपुर: अभनपुर इलाके में 13 मार्च 2025 को हुए मॉब लिंचिंग मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस घटना को बेहद गंभीर मानते हुए एसपी, आईजी और डीजीपी से जवाब तलब किया है।

मामले में बताया गया कि 13 मार्च को ग्रामीणों ने तिलक साहू, उसके पिता अमर सिंह साहू और भाई नरेश साहू के साथ अमानवीय व्यवहार किया। तीनों को बुरी तरह पीटा गया, अर्धनग्न कर गांव में घुमाया गया, उनके चेहरे पर कालिख पोती गई और जूतों की माला पहनाई गई। इतना ही नहीं, उन्हें चौराहे पर पूरी रात बंधक बनाकर रखा गया।

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने मामूली मारपीट की धाराओं में FIR दर्ज करने पर फटकार लगाई और कहा कि यह गंभीर अपराध है, जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम, 2005 समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जल्द चालान पेश किया जाए।

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