कवर्धा (कबीरधाम)। गन्ना किसानों की पैदावार बढ़ाने के लिए भोसमदेव सहकारी शक्कर कारखाना प्रबंधन ने विस्तृत पोषण प्रबंधन गाइडलाइन जारी की है। इसमें बुवाई से लेकर 120-130 दिन तक फसल में किस समय कौन-सी खाद और दवा का उपयोग करना है, इसकी पूरी जानकारी दी गई है। निर्देश के मुताबिक, गन्ना लगाने के 7 से 10 दिन के भीतर ही 19:19:19, कार्बेन्डाजिम + मैनकोजेब, क्लोरोपायरीफॉस + सायपरमेथ्रिन और ह्यूमिक एसिड का मिश्रण देने की सलाह दी गई है। इसके बाद 15 से 20 दिन में ह्यूमिक एसिड और 0:52:34 तथा 30 से 35 दिन में एथोफोन का छिड़काव करने को कहा गया है। कारखाना प्रबंधन ने मिट्टी चढ़ाने का सही समय भी तय किया है। पहली बार 60 से 70 दिन में और दूसरी बार 90 से 120 दिन के बीच मिट्टी चढ़ाने से जड़ों का विकास बेहतर होता है और फसल गिरने से बचती है। जैविक खाद पर भी जोर गाइडलाइन में प्रति एकड़ 8 से 10 टन गोबर खाद या कम्पोस्ट उपयोग करने की सलाह दी गई है। अगर यह उपलब्ध न हो तो प्रेसमड या हरी खाद मिलाने को कहा गया है। चरणवार उर्वरक की मात्रा तय बुवाई के समय सिंगल सुपर फॉस्फेट 100 किलो, म्यूरेट ऑफ पोटाश 50 किलो, यूरिया 10 किलो, जिंक 4 किलो और सल्फर 3 किलो देने को कहा गया है। इसके बाद 40-50 दिन, 90-100 दिन और 120-130 दिन पर अलग-अलग मात्रा में यूरिया, पोटाश और अन्य उर्वरक देने की सिफारिश की गई है। उत्पादन बढ़ाने का दावा प्रबंधन का कहना है कि इन निर्देशों का पालन करने से गन्ने की टिलरिंग बढ़ेगी, जड़ों का विकास बेहतर होगा और उत्पादन में वृद्धि होगी। साथ ही खरपतवार नियंत्रण और नमी संरक्षण में भी मदद मिलेगी। Post navigation “वादे से बना रिश्ता, जुर्म नहीं” बेमेतरा केस में हाईकोर्ट ने पीड़िता की याचिका खारिज की मोहला-मानपुर में नक्सलियों पर बड़ी कार्रवाई: जंगल से AK-47 और INSAS समेत हथियारों का जखीरा बरामद