अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल उछला: 110 डॉलर के पार, भारत पर महंगाई का खतरा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे वैश्विक बाजारों पर दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। हालात ऐसे बने हुए हैं कि अगर टकराव और बढ़ा, तो कीमतें 150 डॉलर तक जा सकती हैं। ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर के पार अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.71 डॉलर बढ़कर 110.74 डॉलर प्रति बैरल हो गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में तनाव बना रहा, तो तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। 38 दिन में 70% तक महंगा तेल पिछले डेढ़ महीने में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है— इंडियन बास्केट: 71 डॉलर से बढ़कर 121 डॉलर (71% वृद्धि) ओपेक बास्केट: 70 डॉलर से 111 डॉलर (59% वृद्धि) ब्रेंट क्रूड: 73 डॉलर से 112 डॉलर (54% वृद्धि) WTI क्रूड: 67 डॉलर से 112 डॉलर (67% वृद्धि) होर्मुज स्ट्रेट पर संकट तनाव की सबसे बड़ी वजह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) है। दुनिया का करीब 20% तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। ईरान ने इस रूट को बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है। भारत के लिए क्यों चिंता की बात भारत अपनी जरूरत का करीब 90% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में कीमत बढ़ने का सीधा असर पड़ेगा— पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ेगा फल-सब्जी समेत जरूरी सामान महंगे होंगे रुपए पर दबाव बढ़ेगा, डॉलर के मुकाबले कमजोरी संभव हर $10 बढ़ने पर 0.60% बढ़ेगी महंगाई रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, कच्चे तेल में हर 10 डॉलर की बढ़ोतरी से भारत में महंगाई करीब 0.60% तक बढ़ सकती है। इससे करंट अकाउंट डेफिसिट और GDP पर भी असर पड़ सकता है। ट्रम्प की चेतावनी, ईरान का पलटवार अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला गया तो बड़ा हमला किया जाएगा।इसके जवाब में ईरान ने कहा है कि किसी भी हमले की स्थिति में वह वैश्विक सप्लाई चेन को ठप कर सकता है और पूरा क्षेत्र युद्ध की आग में झोंक देगा। OPEC+ ने बढ़ाया उत्पादन तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए OPEC+ देशों ने मई 2026 से रोजाना 2.06 लाख बैरल उत्पादन बढ़ाने का फैसला लिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव जारी रहा तो इसका असर सीमित ही रहेगा। सरल भाषा में समझे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से कच्चा तेल महंगा हो गया है और इसकी कीमत 110 डॉलर के पार पहुंच गई है। Donald Trump की चेतावनी के बाद ईरान ने तेल सप्लाई रोकने की बात कही है। इसका असर भारत पर पड़ेगा, जहां पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की चीजें महंगी हो सकती हैं। क्योंकि भारत ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है, इसलिए कीमत बढ़ते ही आम लोगों का खर्च बढ़ना तय है। Post navigation सोना-चांदी महंगा: 10 ग्राम गोल्ड ₹1.48 लाख पर, चांदी ₹2.31 लाख किलो पहुंची BIG NEWS: गांव की लड़की ने रचा इतिहास, सरकार ने दे डाले 50 लाख, जानिए संजू देवी की कहानी