रायपुर। प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में काले हिरण का जिक्र होते ही छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने इस मुद्दे पर तीखा तंज कसते हुए प्रधानमंत्री और अभिनेता Salman Khan पर निशाना साधा। बघेल ने कहा कि “जिसने काले हिरण का शिकार किया, मोदी जी उनके साथ पतंग उड़ाते हैं और संरक्षण की बात करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में पहले से ही हिरणों का संरक्षण हो रहा है और यहां उनकी कोई कमी नहीं है। ‘पिंजरे में शेर’ वाले बयान पर भी तंज भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वे छत्तीसगढ़ आकर पिंजरे में बंद शेर के साथ फोटो खिंचवाते हैं, जबकि राज्य में पहले से ही वन्यजीव संरक्षण का काम जारी है। ‘मन की बात’ में क्या बोले PM मोदी 26 अप्रैल को प्रसारित ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य भारत में वन्यजीव संरक्षण को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के खुले इलाकों में काले हिरण की वापसी हुई है, जो जैविक विरासत के पुनरुद्धार का संकेत है। PM मोदी ने बताया कि कई वर्षों तक स्थानीय स्तर पर विलुप्त रहने के बाद अब ये हिरण फिर से प्राकृतिक वातावरण में दिखाई देने लगे हैं। बारनवापारा में चला 5 साल का अभियान Barnawapara Wildlife Sanctuary में काले हिरणों के पुनर्वास के लिए पांच साल का विशेष अभियान चलाया गया। 2017 में स्थानीय रूप से विलुप्त घोषित किए जाने के बाद वन विभाग ने पुनर्प्रवेश योजना शुरू की। इस योजना के तहत हिरणों को National Zoological Park Delhi और Kanan Pendari Zoo से लाकर बसाया गया।2021 में शुरू इस अभियान के तहत दिल्ली से 50 और बिलासपुर से 27 काले हिरण लाए गए। अनुकूल वातावरण और निगरानी के चलते अब इनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है। जनगणना को लेकर भी उठाए सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में देशवासियों से जनगणना 2027 को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना बताते हुए कहा कि यह सिर्फ सरकारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। PM ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे। साथ ही लोगों को खुद भी जानकारी भरने की सुविधा दी जाएगी। बघेल बोले- “नियत पर शक” जनगणना के मुद्दे पर भी भूपेश बघेल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2021 से जनगणना लंबित है और सरकार की नीयत पर शक होता है। निष्कर्ष काले हिरण के जिक्र से शुरू हुआ मामला अब सियासी बयानबाजी तक पहुंच गया है। एक तरफ केंद्र सरकार इसे संरक्षण की उपलब्धि बता रही है, तो वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के संकेत दे रहा है। Post navigation DMF घोटाले में फंसे पूर्व IAS को बड़ा झटका: हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत, बोला– “सोच-समझकर किया अपराध” सत्ता से सन्नाटे तक: पूर्व मंत्री के परिवार में छाया मातम