रायपुर। पेट्रोल-डीजल की संभावित कमी और बढ़ती कीमतों के बीच छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने राज्य सरकार से सरकारी दफ्तरों में जरूरत के अनुसार “वर्क फ्रॉम होम” व्यवस्था लागू करने की मांग की है। फेडरेशन ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि ईंधन बचाने के लिए अभी से तैयारी जरूरी है। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि राज्य में पहले से ई-ऑफिस और ऑनलाइन सिस्टम लागू है, इसलिए कई विभागों में घर से काम करना संभव है। उन्होंने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौरान भी कई विभागों ने ऑनलाइन कामकाज संभाला था। फेडरेशन ने नवा रायपुर स्थित मंत्रालय और अन्य सरकारी कार्यालयों का जिक्र करते हुए कहा कि रोज बड़ी संख्या में कर्मचारी वाहन से आते-जाते हैं। ऐसे में चरणबद्ध तरीके से वर्क फ्रॉम होम लागू करने से पेट्रोल-डीजल की खपत कम हो सकती है। संगठन ने सरकार से समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार शुरू करने की मांग की है। Post navigation पेट्रोल-डीजल संकट पर प्रदेशभर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं, कहीं गुस्सा तो कहीं डर का माहौल शादी का झांसा देकर 4 साल तक किया शोषण, शादी की बात आते ही फरार; कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा