बिलासपुर। में पत्नी की हत्या कर शव के टुकड़े करने वाले आरोपी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी ने अवैध संबंध के शक में अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसने शव के पांच टुकड़े किए और उन्हें पानी की टंकी में छिपाकर करीब दो महीने तक लोगों को गुमराह करता रहा।

यह सनसनीखेज मामला साल 2023 में सामने आया था। एंटी क्राइम यूनिट को सूचना मिली थी कि उस्लापुर स्थित गीतांजलि कॉलोनी फेस-1 में नकली नोट छापे जा रहे हैं। पुलिस जब आरोपी पवन सिंह ठाकुर के घर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए।

घर के पोर्च में रखी पानी की टंकी के अंदर टेप से लिपटी पॉलीथिन में महिला का शव मिला। शव के हाथ, पैर और धड़ अलग-अलग कटे हुए थे। बाद में मृतका की पहचान आरोपी की पत्नी सती साहू के रूप में हुई।

जांच में सामने आया कि आरोपी को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। इसी शक में उसने पहले पत्नी की हत्या की, फिर बाजार से कटर मशीन और पानी की टंकी खरीदकर शव के टुकड़े किए। इसके बाद सभी हिस्सों को पॉलीथिन में पैक कर टंकी में छिपा दिया।

हत्या के बाद आरोपी लगातार लोगों को यह कहता रहा कि उसकी पत्नी घर छोड़कर चली गई है। वह खुद भी पत्नी की तलाश का दिखावा करता रहा ताकि किसी को उस पर शक न हो।

मामले की जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के घर से नकली नोट बनाने का सामान भी मिला। पुलिस ने कलर प्रिंटर, कार्ट्रिज, जेरॉक्स पेपर, 200 और 500 रुपए के नकली नोट और अन्य उपकरण बरामद किए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने रायगढ़ और जांजगीर के युवकों से नकली नोट छापना सीखा था।

विशेष न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी की अदालत ने मामले को बेहद क्रूर बताते हुए आरोपी को किसी भी तरह की रियायत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने हत्या, सबूत मिटाने और नकली नोट रखने के अपराध में अलग-अलग धाराओं के तहत सजा सुनाई है। आरोपी को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास, धारा 201 और धारा 489-सी के तहत 5-5 साल के सश्रम कारावास की सजा दी गई है।

अदालत ने मृतका के दोनों नाबालिग बच्चों के लिए पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मुआवजा देने की भी अनुशंसा की है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में सिर्फ अपराधी को सजा देना ही नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार के पुनर्वास की जिम्मेदारी भी राज्य की है।

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