Balodabazar Kharve Village Death Case 2026 बलौदाबाजार-भाटापारा। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल क्षेत्र स्थित खरवे गांव में पिछले कुछ महीनों के दौरान हुई कई मौतों ने पूरे इलाके में चिंता और चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है। फरवरी से मई 2026 के बीच गांव के 8 लोगों की अलग-अलग परिस्थितियों में मौत हो गई। अब इन मौतों के पीछे की सच्चाई जानने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए दफन किए गए शवों को कब्र से निकालकर दोबारा जांच कराने का फैसला लिया है। 7 शवों का होगा फॉरेंसिक परीक्षण मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में 6 और शवों को कब्र से बाहर निकाला गया। इससे पहले 13 जून को एक अन्य मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए निकाला जा चुका था। अब कुल 7 शवों के नमूनों की वैज्ञानिक जांच की जाएगी, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इन लोगों की मौत किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई या फिर इसके पीछे कोई अन्य वजह जिम्मेदार है। ग्रामीणों ने लगाया जहरीली शराब पिलाने का आरोप गांव के कई लोगों का दावा है कि मृतकों का संपर्क एक स्थानीय व्यक्ति से था, जो कथित तौर पर उन्हें शराब उपलब्ध कराता था। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट की गई थी, जिसके सेवन के बाद एक-एक कर लोगों की जान चली गई। स्थानीय लोगों के अनुसार एक व्यक्ति ऐसा भी था जिसने वही शराब पी थी, लेकिन तबीयत बिगड़ने के बाद उल्टी हो जाने से उसकी जान बच गई। इसी घटना के बाद गांव में संदेह गहराने लगा और मामले की जांच की मांग उठी। फरवरी से मई के बीच हुईं लगातार मौतें जानकारी के मुताबिक, जिन लोगों की मौत हुई उनमें चैतू साहू, पूर्व सरपंच छातूराम साहू, विनोद साहू, बद्री पटेल, जगानंद माछी, बुटालू साहू, बुधराम जायसवाल और महत्तरू साहू शामिल हैं। इन सभी की मौतें अलग-अलग समय पर हुई थीं, लेकिन अब ग्रामीण इन घटनाओं को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ मान रहे हैं। प्रशासन की संयुक्त टीम कर रही जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग, राजस्व अमला और फॉरेंसिक साइंस विशेषज्ञों की संयुक्त टीम जांच में जुटी हुई है। जांच दल ग्रामीणों के बयान दर्ज कर रहा है और हर संभावित पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। एक शव की दोबारा जांच संभव नहीं मृतकों में शामिल बुधराम जायसवाल का अंतिम संस्कार दाह संस्कार विधि से किया गया था। इस कारण उनके शव का दोबारा परीक्षण नहीं किया जा सकेगा। वहीं बाकी सात शवों से आवश्यक नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। खजाने और मानव बलि की चर्चाओं पर क्या बोली पुलिस? गांव में कुछ लोगों के बीच यह चर्चा भी चल रही है कि कथित रूप से जमीन में दबे खजाने को हासिल करने के लिए मानव बलि जैसी घटनाएं हो सकती हैं। हालांकि पुलिस ने ऐसी बातों को फिलहाल अफवाह बताया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि अभी तक इस तरह के दावों की पुष्टि करने वाला कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है। इसलिए केवल तथ्यों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही जांच आगे बढ़ाई जाएगी। मौके पर मौजूद रहे अधिकारी शवों को कब्र से निकालने की प्रक्रिया के दौरान एसडीओपी कौशल किशोर वासनिक, तहसीलदार विवेक पटेल, फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम और स्थानीय पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन ने पूरे अभियान को सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराया। निष्पक्ष जांच की मांग खरवे गांव के निवासियों ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि यदि किसी की लापरवाही या साजिश सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेगी। रिपोर्ट का इंतजार प्रशासन, ग्रामीणों और मृतकों के परिजन सभी कर रहे हैं। बलौदाबाजार के खरवे गांव में 8 मौतों का रहस्य, 7 शव कब्र से निकालकर जांच शुरू#Balodabazar #ChhattisgarhNews #BreakingNews #KharveVillage #Kasdol #CrimeNews #DeathMystery #PoisonLiquorCase #ForensicInvestigation #CGNews #LatestNews #ViralNews #PoliceInvestigation #BalodabazarNew pic.twitter.com/jLFzKmg5kJ— JOHARPOST.IN (@johar_post) June 16, 2026 Post navigation 5 जिलों में एक साथ छापेमारी, DMF घोटाले की जांच तेज, कारोबारियों और ठेकेदारों के ठिकानों पर रेड झाड़फूंक का झांसा : मां को मंदिर भेजा, बहन को बाहर निकाला और फिर किया दुष्कर्म …