पढ़िए पूरी खबर जोहर पोस्ट डेस्क | भिलाई/कबीरधाम कबीरधाम जिले के पंडरिया निवासी एक 19 वर्षीय छात्र की भिलाई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से परिवार और क्षेत्र में शोक का माहौल है। माता-पिता ने बेटे को उच्च शिक्षा के लिए भिलाई भेजा था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि एक दिन उसकी लाश छात्रावास के कमरे में फांसी के फंदे पर लटकी मिलेगी। मृतक की पहचान निखिल पौसार्य (19 वर्ष), पिता प्रहलाद पौसार्य, निवासी पंडरिया, जिला कबीरधाम के रूप में हुई है। निखिल भिलाई के सेक्टर-6 स्थित साईं महाविद्यालय में बीएससी बायो का छात्र था और पिछले लगभग एक वर्ष से भिलाई नगर रेलवे स्टेशन के पास स्थित महाराणा प्रताप भवन छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था। जानकारी के अनुसार निखिल का स्वभाव काफी शांत था। वह अक्सर अकेले रहना पसंद करता था और अन्य छात्रों के साथ ज्यादा घुलता-मिलता नहीं था। छात्रावास में सामान्यतः एक कमरे में दो छात्रों को रखा जाता है, लेकिन दूसरे छात्र के नहीं होने के कारण वह लंबे समय से अकेले ही रह रहा था। रविवार सुबह काफी देर तक निखिल अपने कमरे से बाहर नहीं निकला तो छात्रावास में रहने वाले अन्य छात्रों को संदेह हुआ। इसकी सूचना छात्रावास प्रबंधन और पुलिस को दी गई। पुलिस की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। निखिल का शव कमरे में पंखे से बंधे फांसी के फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घटना की सूचना परिजनों को भी दे दी गई है। भिलाई नगर थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। सीएसपी भिलाई नगर सत्यप्रकाश तिवारी के अनुसार घटना वाली रात कुछ छात्रों ने निखिल से उसके कमरे में साथ रुकने की बात कही थी, लेकिन उसने मना कर दिया था और कहा था कि वह अकेले रहना चाहता है। फिलहाल प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन छात्र ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मोबाइल जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। Post navigation मरवाही में किडनैपिंग : पुलिस की वर्दी नहीं, लेकिन दावा पुलिस होने का…बेटे के सामने पिता का अपहरण