3 महीने में 8 मौतें, जहरीली शराब से हत्या का आरोप; पुलिस जल्द करेगी पूरी साजिश का खुलासा


बलौदाबाजार।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खर्वे गांव में पिछले तीन महीनों से चर्चा में रहे 8 संदिग्ध मौतों के मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। दो दिनों तक चली गहन पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की।

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि आरोपी छोटी-छोटी बातों और मजाक को लेकर लोगों से दुश्मनी पाल लेता था और फिर उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बनाता था। कसडोल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और जहरीला पदार्थ देने सहित कुल 9 अलग-अलग FIR दर्ज की हैं।


घर, दुकान और घटनास्थल पर पहुंची पुलिस, जहरीला पदार्थ बरामद

गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी रामसहाय जायसवाल को हथकड़ी लगाकर उसके घर, दुकान और घटनास्थलों पर लेकर पहुंची। जांच के दौरान पुलिस ने एक ऐसा जहरीला पदार्थ बरामद किया है, जिसे कथित तौर पर शराब में मिलाया जाता था।

आरोपी को गांव में देखकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। कई लोग उसे देखकर नाराजगी जाहिर करते रहे और कड़ी सजा की मांग करने लगे।


3 महीने में 8 मौतों से दहला था पूरा गांव

जानकारी के अनुसार खर्वे गांव में मौतों का सिलसिला 6 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था।

मृतकों के नाम और तारीखें

  • 6 फरवरी – बद्री पटेल
  • 20 फरवरी – बुढालू साहू
  • 12 मार्च – बुधराम जायसवाल
  • 20 मार्च – छत्तूराम साहू
  • 31 मार्च – विनोद साहू
  • 28 अप्रैल – गजानंद मांझी
  • 29 अप्रैल – चैतूराम साहू
  • 14 मई – महेतरू साहू

लगातार हो रही मौतों के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया था और बड़ी संख्या में ग्रामीण कसडोल थाने पहुंचे थे।


ग्रामीणों की मांग पर कब्र से निकाले गए शव

मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों की मांग पर पुलिस ने 7 शवों को कब्र से निकलवाकर पोस्टमॉर्टम कराया। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को दोबारा दफनाया गया।

लगातार मौतों के बाद गांव में भय और अशांति का माहौल था। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शांति पूजा भी कराई थी।


21 लोगों की बलि देने की चर्चा ने बढ़ाई सनसनी

मृतक छत्तूराम साहू के भाई और विनोद साहू के चाचा कामता प्रसाद ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों की मौत हुई, उन्हें अलग-अलग समय पर रामसहाय जायसवाल द्वारा शराब उपलब्ध कराई गई थी।

ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी फैल गई थी कि कथित तौर पर गड़ा धन प्राप्त करने के लिए 21 लोगों की बलि देने की योजना बनाई गई थी। हालांकि इस दावे की अभी तक पुलिस द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ग्रामीणों का कहना था कि अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी थी और 13 अन्य लोग कथित तौर पर निशाने पर थे। इसी आशंका ने पूरे गांव को भयभीत कर दिया था।


पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी निगाहें

हालांकि पुलिस ने अभी तक इस पूरे मामले का आधिकारिक और विस्तृत खुलासा नहीं किया है। माना जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोपी की पूरी साजिश, मौतों की असली वजह, इस्तेमाल किए गए जहरीले पदार्थ और अन्य संभावित आरोपियों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की जा सकती है।

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