महाराष्ट्र TET पेपर लीक: परीक्षा से 24 घंटे पहले खुली पोल, 4.28 लाख अभ्यर्थी प्रभावित, कई हिरासत में पढ़िए क्या हुआ महाराष्ट्र में शिक्षक बनने और नौकरी में बने रहने के लिए जरूरी शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 पेपर लीक के कारण स्थगित कर दी गई है। परीक्षा 28 जून को आयोजित होनी थी, लेकिन परीक्षा से लगभग 24 घंटे पहले प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSEC) ने बड़ा फैसला लेते हुए परीक्षा रद्द कर दी। इस फैसले से 4 लाख 28 हजार 122 अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। इनमें 2 लाख 26 हजार 363 सेवारत शिक्षक भी शामिल हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत TET पास करना अनिवार्य है। भिवंडी में छापेमारी, प्रश्नपत्र से मिलते सवाल बरामद गोपनीय सूचना मिलने के बाद ठाणे जिले के भिवंडी क्षेत्र में पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान कुछ लोगों के पास ऐसे प्रश्न मिले जो आधिकारिक प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर सत्यापन कराया गया। प्रारंभिक जांच में प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका मजबूत होने पर भिवंडी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है, हालांकि अब तक किसी आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। हाईटेक सुरक्षा भी नहीं रोक पाई पेपर लीक इस बार परीक्षा को लेकर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। राज्यभर में 1,729 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। 18,000 AI आधारित CCTV कैमरे लगाए गए थे। बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था थी। फेस रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल होना था। मेटल डिटेक्टर से जांच की जानी थी। मोबाइल, स्मार्ट वॉच समेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध था। प्रवेश के लिए वैध पहचान पत्र अनिवार्य किया गया था। इसके बावजूद प्रश्नपत्र लीक होना परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा था महत्व 29 मई को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि सभी शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य होगा। अदालत ने TET पास करने की अंतिम समयसीमा 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि इसके बाद कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। इस फैसले का प्रभाव देशभर के 20 लाख से अधिक शिक्षकों पर पड़ना है। विपक्ष का हमला, सरकार घिरी पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का आरोप है कि पहले NEET और अब TET में पेपर लीक होने से परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष ने सरकार को “पेपर लीक सरकार” बताते हुए उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उम्मीदवारों को राहत महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद की उपायुक्त प्रिया शिंदे ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा दोबारा आयोजित होने पर उम्मीदवारों को नया आवेदन नहीं करना होगा। पहले से पंजीकृत अभ्यर्थियों का आवेदन मान्य रहेगा और उनसे कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। परिषद ने कहा है कि नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी। क्या है सबसे बड़ा सवाल? इतनी बड़ी सुरक्षा व्यवस्था, AI निगरानी, बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन सिस्टम के बावजूद प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले कैसे बाहर पहुंचा? यही सवाल अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। Post navigation 12 साल की बच्ची को कुचलकर भागा ट्रक ड्राइवर, 55 KM पीछा कर पुलिस ने पकड़ा सिर्फ 30-40 कदम दूर था ब्लड बैंक, फिर भी नहीं मिला खून! दीपिका की मौत पर जांच रिपोर्ट का बड़ा खुलासा, 7 कर्मचारी जिम्मेदार