दहशत से आजादी तक: केरावाहारा में पकड़ा गया तेंदुआ देर रात USTR के जंगल में छोड़ा गया

महीनों से ग्रामीणों में था डर, पिंजरे में कैद होने के बाद वन विभाग ने स्वास्थ्य जांच कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा

गरियाबंद। गरियाबंद वनमंडल के ग्राम केरावाहारा और आसपास के इलाकों में लंबे समय से दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार सुरक्षित रूप से अपने प्राकृतिक आवास में पहुंच गया। वन विभाग द्वारा पिंजरे में पकड़े गए तेंदुए को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद देर रात करीब 2 बजे उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) के सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।

तेंदुए की लगातार मौजूदगी के कारण क्षेत्र के ग्रामीण काफी समय से भय के माहौल में थे। गांव के आसपास तेंदुए के दिखाई देने, पालतू मवेशियों पर हमले और स्कूल परिसर के नजदीक उसकी गतिविधियां सामने आने के बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी थी। तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में केज ट्रैप लगाया गया था।

पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ

वन विभाग की रणनीति आखिरकार सफल रही और तेंदुआ सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद हो गया। इसके बाद वन अधिकारियों और वन्यप्राणी विशेषज्ञों की निगरानी में उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

तेंदुए को जंगल में छोड़ने से पहले उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। वनमंडलाधिकारी ससिगानंदन के. (भा.व.से.), उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों और वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश वर्मा की देखरेख में जांच की गई। स्वास्थ्य परीक्षण में तेंदुआ स्वस्थ पाया गया।

देर रात USTR के जंगल में छोड़ा गया

स्वास्थ्य परीक्षण के बाद विशेषज्ञों की सलाह पर तेंदुए को उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ने का निर्णय लिया गया। देर रात करीब 2 बजे वन अधिकारियों, चिकित्सकों और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की मौजूदगी में तेंदुए को उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

तेंदुए के सुरक्षित रेस्क्यू और जंगल में छोड़े जाने के बाद केरावाहारा समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लंबे समय से बनी वन्यजीव की दहशत अब काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *