गरियाबंद। जिले के वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम केराबाहरा में पिछले कई महीनों से ग्रामीणों के लिए दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के लगाए पिंजरे में कैद हो गया। शुक्रवार शाम तेंदुए के पिंजरे में फंसते ही गांव में राहत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने इसे बड़ी अनहोनी टलने के रूप में देखा। बताया जा रहा है कि तेंदुआ लंबे समय से गांव के आसपास सक्रिय था और कई बार आबादी क्षेत्र में घुसकर कुत्तों और मुर्गियों का शिकार कर चुका था। लगातार हो रही इन घटनाओं के चलते ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ था। शाम होते ही लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने में भी सावधानी बरतनी पड़ रही थी। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत के बाद बढ़ी कार्रवाई ग्रामीणों के मुताबिक तेंदुए को पकड़ने के लिए कई बार वन विभाग से शिकायत की गई थी। कार्रवाई में देरी होने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी भी बढ़ रही थी। इसके बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मामले का संज्ञान लिया गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए कार्रवाई तेज की और करीब तीन दिन पहले निर्धारित स्थान पर पिंजरा लगाया गया। शिकार की तलाश में पिंजरे में पहुंचा तेंदुआ शुक्रवार शाम तेंदुआ शिकार की तलाश में पिंजरे के अंदर पहुंच गया। जैसे ही वह पिंजरे में गया, उसका दरवाजा बंद हो गया और वह कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से गांव में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर डर बना हुआ था। समय रहते तेंदुआ पकड़ में आने से किसी बड़ी जनहानि की आशंका टल गई। अब सुरक्षित स्थान पर किया जाएगा रेस्क्यू वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार उसकी स्वास्थ्य जांच और अन्य आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उसे उपयुक्त वन क्षेत्र में छोड़े जाने की कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल या आबादी क्षेत्र के आसपास तेंदुआ अथवा कोई अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं और उसे पकड़ने या भगाने की कोशिश न करें। किसी भी वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को दें। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद फिलहाल केराबाहरा गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। Post navigation छत्तीसगढ़ में पहली बार! हाथियों का गोबर बदलेगा जंगलों की किस्मत, जानिए कैसे