स्कूल के ऑफिस में बीयर-चखना? सवाल पूछने पर पत्रकारों को ‘गेट आउट फ्रॉम हियर’ कहने का कथित आरोप, गरियाबंद के देवझर स्कूल का वीडियो चर्चा में

गरियाबंद। जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला देवझर (अमली) से शिक्षा व्यवस्था और स्कूल अनुशासन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया टीम के औचक निरीक्षण के दौरान स्कूल के कार्यालय कक्ष में दो शिक्षकों के कथित रूप से शराब और चखने के साथ बैठे होने का दावा किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है।

मीडिया टीम के अनुसार, निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। इसी दौरान कार्यालय कक्ष में प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शाला के दो शिक्षक कथित रूप से शराब का सेवन करते पाए गए। आरोप है कि कार्यालय में शराब के साथ चखना भी रखा हुआ था।

तीन शिक्षक अवकाश पर, दो पर लगे गंभीर आरोप

बताया गया कि निरीक्षण के समय विद्यालय के तीन शिक्षक अवकाश पर थे, जबकि स्कूल में मौजूद दो शिक्षकों पर नशे की हालत में होने का आरोप लगाया गया। मीडिया टीम ने दोनों शिक्षकों के पहनावे को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि निर्धारित ड्रेस कोड के बजाय दोनों शिक्षक टी-शर्ट और कार्गो जींस में स्कूल पहुंचे थे।

अगर ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल शराब सेवन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति, अनुशासन और विद्यार्थियों के सामने उनके आचरण को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होंगे।

सवाल पूछने पर पत्रकारों से कथित अभद्रता

मामले को लेकर जब मीडिया टीम ने शिक्षकों से सवाल पूछे तो कथित तौर पर विवाद की स्थिति बन गई। मीडिया टीम का आरोप है कि शिक्षकों ने पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार किया और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें वहां से जाने के लिए कहा। इसी दौरान कथित रूप से ‘गेट आउट फ्रॉम हियर’ जैसे शब्द कहे जाने का दावा भी किया जा रहा है।

घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद अब यह मामला चर्चा में है और शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्कूल में बच्चों की मौजूदगी के बीच गंभीर आरोप

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस समय विद्यालय में बच्चे मौजूद थे, उसी दौरान अगर स्कूल के कार्यालय में शराब सेवन की बात सही साबित होती है, तो यह सरकारी विद्यालय की कार्यप्रणाली और बच्चों के शैक्षणिक वातावरण के लिए बेहद गंभीर विषय है।

हालांकि, अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी स्थानीय मीडिया टीम के दावों और कथित वीडियो पर आधारित है।

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

मामले में शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट अथवा कार्रवाई सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में आरोपों को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। यदि विभाग द्वारा जांच कराई जाती है और आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की स्थिति बन सकती है।

अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और देवझर (अमली) स्कूल में सामने आए इन आरोपों की जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है।

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