1 अप्रैल से लागू होने वाले नए नियम से उद्योग पर संकट, 6 महीने का समय देने की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से शराब को प्लास्टिक (RPET) बोतलों में भरने के प्रस्ताव का विरोध तेज हो गया है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ बोतल संघ के कर्मचारी आबकारी भवन पहुंचे और आबकारी आयुक्त कमिश्नर R. सांगीता को ज्ञापन सौंपा।

संघ के पदाधिकारियों ने सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कांच की बोतलों की जगह अचानक प्लास्टिक बोतलों में शराब भरने का निर्णय उद्योग के लिए बड़ा झटका है। इस फैसले के कारण कांच की बोतलों का भारी स्टॉक फंस गया है, जिससे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

संघ ने मांग की है कि पुराने स्टॉक को खत्म करने के लिए कम से कम 6 महीने का समय दिया जाए, ताकि उद्योग को राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो कई मजदूरों और उनके परिवारों की रोजी-रोटी पर गंभीर असर पड़ेगा।

संघ ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने और उद्योग हित में संतुलित फैसला लेने की अपील की है।

JOHARPOST.IN

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