नगर निगम की आंखों के सामने चल रहा था अवैध धंधा?

रायपुर। राजधानी के व्यस्त घड़ी चौक स्थित मल्टीलेवल पार्किंग को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। नगर निगम उड़नदस्ता और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई छापेमारी में बिना वैध टेंडर के संचालन, अवैध वसूली और कई संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा हुआ है।

जांच के दौरान सामने आया कि इस पार्किंग का संचालन कथित रूप से मो. शोएब नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था, जबकि इसके लिए नगर निगम की ओर से कोई अधिकृत टेंडर जारी नहीं किया गया था। मौके पर मौजूद स्टाफ भी निगम का नहीं बल्कि निजी लोगों का पाया गया।

फर्जी पर्चियों से वसूली का खेल

छापेमारी में टीम को बड़ी संख्या में ऐसी पार्किंग पर्चियां मिलीं जिन पर न तो सीरियल नंबर था और न ही कोई आधिकारिक मुहर। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि पार्किंग शुल्क नकद के अलावा निजी QR कोड और व्यक्तिगत बैंक खातों में लिया जा रहा था। इससे बड़े स्तर पर अवैध वसूली की आशंका जताई जा रही है।

केबिन में शराब और संदिग्ध गतिविधियां

कार्रवाई के दौरान पार्किंग केबिन से शराब सेवन से जुड़े साक्ष्य भी मिले हैं। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि सार्वजनिक स्थल का उपयोग केवल पार्किंग संचालन के बजाय अन्य अवैध गतिविधियों के लिए भी किया जा रहा था।

बिना मुहर का शस्त्र लाइसेंस मिलने से हड़कंप

जांच के दौरान एक शस्त्र लाइसेंस भी बरामद हुआ, जिस पर किसी प्रकार की आधिकारिक सील या सत्यापन चिह्न नहीं था। पुलिस अब इसकी प्रामाणिकता की जांच कर रही है।

निगम अधिकारियों की भूमिका पर सवाल

प्रारंभिक जांच में नगर निगम के बाजार और राजस्व विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी संदेह जताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अवैध वसूली से प्राप्त राशि के लेन-देन के लिए बैजनाथपारा क्षेत्र के एक होटल का उपयोग किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

नेटवर्क और कथित कनेक्शन की जांच

सूत्रों के मुताबिक इस पूरे मामले में कुछ स्थानीय लोगों और कथित पार्टनरों—आसिफा, मुकाती और फैय्याजा—के नाम भी सामने आ रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

बड़ा सवाल कायम

शहर के प्रमुख इलाके में बिना टेंडर और बिना अनुमति के इतने लंबे समय तक चल रहे इस संचालन ने नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच इस बात पर टिकी है कि क्या यह मामला सिर्फ निचले स्तर तक सीमित रहेगा या इसमें शामिल बड़े चेहरों तक कार्रवाई पहुंचेगी।

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