पिता रहे वन अधिकारी, बेटी बनी IFS… सुष्मिता सिंह की सफलता की कहानी चर्चा में राजनांदगांव। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा जारी भारतीय वन सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में छत्तीसगढ़ की बेटी सुष्मिता सिंह ने शानदार सफलता हासिल की है। उन्होंने ऑल इंडिया 32वीं रैंक प्राप्त कर भारतीय वन सेवा (IFS) में चयन सुनिश्चित किया है। उनकी उपलब्धि से राजनांदगांव समेत पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। सुष्मिता सिंह का शुरुआती जीवन राजनांदगांव में बीता। उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई जेएमजे नवजीवन स्कूल और रॉयल किड्स स्कूल से की। इसके बाद डीएवी पब्लिक स्कूल सरकंडा, जैन इंटरनेशनल स्कूल बिलासपुर और डीपीएस भिलाई से 12वीं तक की शिक्षा पूरी की। आगे चलकर उन्होंने यूपीएस देहरादून से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की। बीटेक के बाद सुष्मिता ने नौकरी भी की, लेकिन उनका सपना सिविल सेवा में जाने का था। तैयारी में पूरा समय नहीं मिल पाने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह UPSC की तैयारी में जुट गईं। कई चुनौतियों और असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और पांचवें प्रयास में सफलता हासिल कर ली। सुष्मिता सिंह का परिवार भी वन सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता भारतीय वन सेवा के अधिकारी रह चुके हैं और छत्तीसगढ़ में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे सेवानिवृत्त होकर भिलाई में रह रहे हैं। अपनी सफलता पर सुष्मिता ने कहा कि यह उपलब्धि उनकी मां की प्रेरणा, पिता के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि लगातार मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। सुष्मिता की इस सफलता ने प्रदेश के युवाओं में नई उम्मीद और प्रेरणा जगाई है। खासकर वे छात्र जो लगातार प्रयासों के बावजूद निराश हो जाते हैं, उनके लिए यह कहानी संघर्ष और सफलता की मिसाल बनकर सामने आई है। Post navigation कहीं आपसे छूट ना जाए दिनभर की बड़ी खबरें… शादी के 48 घंटे बाद पहुंचा प्रेमी, बोला- ‘दुल्हन मेरी है’; थाने तक पहुंचा हाईवोल्टेज ड्रामा, दूल्हे ने कहा- अब नहीं रखूंगा साथ