विजय सिन्हा/गरियाबंद। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघ के शिकार की साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। वन विभाग की एंटी पोचिंग टीम ने ओडिशा से जुड़े 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी घटना को टाल दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी बाघ को जहर देकर मारने की तैयारी में थे। उनके कब्जे से जहरीला पदार्थ, चीतल के सींग और जहर से मरी मछलियां बरामद की गई हैं। मामले में कुछ संदिग्ध अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।

वन विभाग को पहले ही सूचना मिल गई थी कि ओडिशा सीमा से लगे जंगलों में कुछ शिकारी सक्रिय हैं। इसके बाद रिजर्व क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई। सीमावर्ती इलाकों में अस्थायी कैंप बनाकर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही थी।

बुजुर्ग आरोपी से खुला पूरा नेटवर्क

कार्रवाई के दौरान टीम ने 76 वर्षीय रमन हेरना नाम के व्यक्ति को पकड़ा। उसके पास से वन्यजीव से जुड़ा सामान मिलने के बाद पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने कई अहम जानकारी दी। जांच एजेंसियों को पता चला कि बाघ की खाल हासिल करने के लिए इलाके में लोगों को तैयार किया गया था। शिकार के लिए जहर और पारंपरिक हथियारों का इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई थी।

नाले में जहर डालते हुए पकड़े गए आरोपी

आगे की कार्रवाई में टीम ने कटफाड़ क्षेत्र में छापा मारा। यहां कुछ लोग जंगल के नाले में जहर मिला रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक, जिस इलाके में जहर डाला जा रहा था वहां बाघ और हाथियों की आवाजाही रहती है। मौके से जहरीली सामग्री, मरी हुई मछलियां और केकड़े बरामद किए गए।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बुधराम पहरिया, अनंतराम पहरिया, मनलाल पहरिया, दिगसन पहरिया, धनु चिड़ा और मधुराम पहरिया शामिल हैं। सभी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

ड्रोन और पेट्रोलिंग से रखी जा रही नजर

घटना के बाद उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में सतर्कता बढ़ा दी गई है। वन विभाग थर्मल ड्रोन और लगातार गश्त के जरिए इलाके की निगरानी कर रहा है। जब्त किए गए जहर की जांच के लिए उसे फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।

वन विभाग का कहना है कि फरार लोगों की तलाश जारी है और वन्यजीवों के खिलाफ किसी भी गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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