रायपुर। शंकर नगर स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स में हुई करीब 90 लाख रुपए की बड़ी चोरी के मामले में पुलिस जांच के दौरान सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। चोरी का मुख्य आरोपी पुलिस दबिश के डर से कथित तौर पर फांसी पर झूल गया, जबकि उसके नाबालिग साथी को पुलिस ने 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी के पास से करीब 10 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी आदतन चोर थे और पहले भी चोरी की घटनाओं में शामिल रह चुके हैं। दोनों गांधी नगर और काली नगर इलाके में किराए के मकान में रहते थे और मूल रूप से ओडिशा के निवासी बताए जा रहे हैं।

ऐसे हुई 90 लाख की चोरी

जानकारी के अनुसार, शनिवार रात दुकान संचालक वंश मरपानी शोरूम बंद कर घर चले गए थे। देर रात करीब 2:19 बजे दोनों आरोपी बाइक से लक्ष्य ज्वेलर्स पहुंचे। उन्होंने पहले अस्पताल के पास बाइक खड़ी की और फिर पैदल दुकान तक पहुंचे।

आरोपियों ने कटर से शटर का ताला काटा और दुकान के अंदर घुस गए। करीब 20 मिनट तक दोनों शोरूम के अंदर रहे और केवल सोने के महंगे जेवर अपने बैग में भरते रहे। चांदी और आर्टिफिशियल ज्वेलरी को उन्होंने हाथ तक नहीं लगाया। वारदात के बाद दोनों आरोपी आराम से मौके से फरार हो गए।

रविवार को दुकान बंद होने की वजह से चोरी का पता नहीं चल पाया। सोमवार सुबह जब दुकान खोली गई, तब पूरा मामला सामने आया।

डॉग स्क्वॉड ने खोला सुराग

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। स्निफर डॉग दुकान से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गांधी नगर-काली नगर रोड तक पहुंचा और वहीं जाकर रुक गया। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में सघन जांच शुरू की।

पुलिस ने अभनपुर, चंद्रखुरी और शंकर नगर समेत कई इलाकों के करीब 300 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले। लोकेशन ट्रैकिंग और पुराने अपराध रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस देर रात एक नाबालिग आरोपी तक पहुंच गई।

पकड़े गए साथी से मिला बड़ा खुलासा

पुलिस पूछताछ में नाबालिग आरोपी ने कई अहम जानकारी दी। उसने बताया कि चोरी के बाद दोनों आरोपी गरियाबंद जिले के पांडुका इलाके गए थे, जहां उन्होंने पार्टी की। इसके बाद देर रात वापस रायपुर लौट आए।

सोमवार सुबह जब चोरी की खबर तेजी से फैली और पुलिस जांच शुरू हुई, तब दोनों अलग-अलग हो गए। मुख्य आरोपी अधिकांश जेवर अपने पास लेकर चला गया और उन्हें बेचने की बात कहकर गायब हो गया।

साथी की गिरफ्तारी के बाद घबराया आरोपी

पुलिस जब मुख्य आरोपी की तलाश करते हुए उसके घर पहुंची, तब घर का दरवाजा बाहर से बंद मिला। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी अंदर फांसी के फंदे पर लटका हुआ था।

पुलिस को आशंका है कि नाबालिग साथी की गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद वह डर गया और छत के रास्ते घर में घुसकर फांसी लगा ली। बताया जा रहा है कि आरोपी के माता-पिता नहीं हैं और वह अपनी बहनों के साथ रहता था।

हालांकि, परिजनों का दावा है कि युवक चोरी में शामिल नहीं था और उसे झूठा फंसाया गया है।

दो दिन तक करते रहे रेकी

पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने वारदात से पहले लगातार दो दिनों तक लक्ष्य ज्वेलर्स और आसपास के इलाके की रेकी की थी। वे दुकान की सुरक्षा व्यवस्था, आवाजाही और बंद होने के समय पर नजर रख रहे थे।

पुलिस ने बताया कि कुछ दिन पहले ही दुकान संचालक को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम लगाने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद आरोपी चोरी करने में सफल रहे।

पुलिस अब क्या जांच कर रही है

फिलहाल पुलिस बाकी जेवरों की बरामदगी, चोरी के नेटवर्क और आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस वारदात में कोई और आरोपी शामिल था या नहीं।

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