किशुनगढ़ पंचायत में सचिव को हटाने की मांग तेज, सरपंच-पंचों ने प्रशासन को दिया अल्टीमेटम

दिनांक: 16 मई 2026

पी.डी. मानाकपुरी/पंडरिया। कबीरधाम जिले के पंडरिया जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत किशुनगढ़ में पंचायत सचिव रामाधार साहू को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सचिव की कार्यशैली से नाराज सरपंच, पंच और ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि सचिव के मनमाने रवैये और विवादित गतिविधियों के कारण पंचायत का विकास पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बताया कि पंचायत सचिव को हटाने की मांग को लेकर कई बार जनपद पंचायत पंडरिया के सीईओ और जिला पंचायत कवर्धा के सीईओ को लिखित शिकायत सौंपी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से पंचायत में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

मामला अब पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तक पहुंच गया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ के पंचायत मंत्री और डिप्टी सीएम विजय शर्मा को भी शिकायत भेजकर सचिव को हटाने की मांग की है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी असंतोष है।

“अब और बर्दाश्त नहीं” — पंचायत प्रतिनिधियों की चेतावनी

सरपंच, पंच और ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि आगामी तीन दिनों के भीतर सचिव रामाधार साहू को ग्राम पंचायत किशुनगढ़ से नहीं हटाया गया, तो पंचायत के जनप्रतिनिधि सामूहिक इस्तीफा देने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

विकास कार्य प्रभावित, योजनाएं अधूरी

ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव की कार्यप्रणाली के कारण पंचायत के कई विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। कई योजनाएं अधूरी हैं और पंचायत की प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। लोगों का कहना है कि जब तक सचिव को नहीं हटाया जाएगा, तब तक पंचायत में शांति और विकास संभव नहीं है।

किशुनगढ़ पंचायत में बढ़ते विवाद ने अब प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

JOHARPOST.IN


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