पी.डी. मानिकपुरी/पंडरिया (कबीरधाम), 15 मई। पंडरिया-बजाग अंतरराज्यीय मार्ग पर पोलमी से अकचरा तक चल रहे रिटर्निंग वॉल निर्माण कार्य अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गए हैं। लोक निर्माण विभाग के अधीन हो रहे इस करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट में भारी अनियमितता और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि “विकास” के नाम पर जनता के पैसे को दीवारों में दफन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक निर्माण स्थल पर न तो किसी प्रकार का नागरिक सूचना पटल लगाया गया है और न ही यह जानकारी दी गई है कि कार्य किस विभाग द्वारा कराया जा रहा है, ठेकेदार कौन है, लागत कितनी है और काम कब तक पूरा होना है। नियमों के अनुसार किसी भी सरकारी निर्माण कार्य स्थल पर सूचना पटल लगाना अनिवार्य होता है, लेकिन यहां इसका पूरी तरह अभाव दिखाई दे रहा है। मिट्टी वाली रेत से बन रही दीवारें? ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में नाले से निकाली गई मिट्टीयुक्त रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं गिट्टी और सरिया की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर निर्माण सामग्री की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आ सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। करोड़ों रुपए के काम में कमीशनखोरी का खेल चल रहा है और विभाग आंखें मूंदकर बैठा हुआ है। सूचना पटल गायब, उठ रहे कई सवाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर निर्माण कार्य की जानकारी जनता से क्यों छिपाई जा रही है? सूचना पटल नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पारदर्शिता खत्म कर भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है। लोगों ने उठाए ये सवाल क्या विभाग जानबूझकर भ्रष्टाचार पर पर्दा डाल रहा है? सूचना पटल आखिर क्यों नहीं लगाया गया? घटिया निर्माण सामग्री की जांच कब होगी? क्या जनता की गाढ़ी कमाई यूं ही बर्बाद होती रहेगी? “आज नहीं जागे तो कल हादसा हो सकता है” ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह रिटर्निंग वॉल भविष्य में बड़े हादसे की वजह बन सकती है। लोगों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। “जनता पूछ रही है — विकास हो रहा है या भ्रष्टाचार का साम्राज्य खड़ा किया जा रहा है?” रिपोर्टिंग : Post navigation शादी का झांसा देकर 4 साल तक किया शोषण, शादी की बात आते ही फरार; कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा सचिव पर बिफरे जनप्रतिनिधि: “3 दिन में नहीं हटाया तो देंगे सामूहिक इस्तीफा”