सक्ती। जिले के डभरा ब्लॉक स्थित सिंघितराई गांव के वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे की जांच के लिए कांग्रेस की गठित टीम आज प्लांट पहुंची। टीम ने करीब एक घंटे तक प्लांट प्रबंधन और एनजीसीएल अधिकारियों के साथ बंद कमरे में बैठक कर हादसे से जुड़े कई बिंदुओं पर पूछताछ की। जांच टीम में संयोजक जयसिंह अग्रवाल, पूर्व मंत्री उमेश पटेल, पूर्व मंत्री नोवेल वर्मा, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव समेत कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल रहे। नेताओं ने हादसे के कारण, सुरक्षा मानकों, मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था, इलाज और कंपनी की जिम्मेदारी को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। जांच टीम के संयोजक जयसिंह अग्रवाल ने मीडिया से कहा, “14 अप्रैल को हुए इस बड़े हादसे की जांच के लिए कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर टीम यहां पहुंची है। अधिकारियों और प्लांट प्रबंधन से चर्चा के बाद उन्हें तीन दिनों के भीतर विस्तृत जवाब देने को कहा गया है।” उन्होंने आगे कहा, “इतने बड़े हादसे में सामान्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करना सही नहीं है। मजदूरों की मौत हुई है, इसलिए मामले में गैरजमानती धाराएं लगाई जानी चाहिए।” पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने कहा, “मजदूरों की सुरक्षा में लापरवाही हुई है या नहीं, इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना जरूरी है।” जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू ने कहा, “इतनी बड़ी घटना के बाद भी कई सवालों के जवाब अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अधिकारियों से मिले जवाब और दस्तावेजों के आधार पर पूरी रिपोर्ट कांग्रेस कमेटी को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आगे की रणनीति तय होगी। गौरतलब है कि 14 अप्रैल को सिंघितराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ट्यूब फटने से बड़ा हादसा हुआ था। इस हादसे में करीब 35 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। अब तक 25 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि कई मजदूरों का इलाज अभी भी जारी है। Post navigation 6 साल के विराट के अपहरण कांड में हाईकोर्ट सख्त, सभी दोषियों की उम्रकैद बरकरार छत्तीसगढ़ पुलिस को मिला नया मुखिया, अरुण देव गौतम बने स्थायी डीजीपी