बड़ी मां ने रची थी 6 करोड़ की साजिश, कोर्ट बोला- ऐसे अपराध समाज में डर पैदा करते हैं बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित विराट अपहरण कांड में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले में शामिल सभी 5 दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखते हुए उनकी अपील खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि मासूम बच्चों का फिरौती के लिए अपहरण करना बेहद गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की राहत नहीं दी जा सकती। साल 2019 में बिलासपुर के कारोबारी विवेक सराफ के 6 वर्षीय बेटे विराट सराफ का घर के सामने से अपहरण कर लिया गया था। अगले ही दिन अपहरणकर्ताओं ने परिवार से 6 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। घटना के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था। पुलिस लगातार 6 दिनों तक बच्चे की तलाश में जुटी रही और सातवें दिन जरहाभाठा इलाके के एक मकान से विराट को सुरक्षित बरामद कर लिया गया था। जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि अपहरण की साजिश विराट की बड़ी मां नीता सराफ ने ही रची थी। पुलिस के मुताबिक भारी कर्ज में डूबी नीता ने अपने साथियों के साथ मिलकर पैसों के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। अपहरण के बाद वह रोज पीड़ित परिवार के घर पहुंचती थी और पुलिस की गतिविधियों की जानकारी आरोपियों तक पहुंचाती थी। पुलिस ने सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज, फिंगरप्रिंट और वॉयस सैंपल जैसे तकनीकी सबूतों के आधार पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ट्रायल कोर्ट ने दो साल पहले सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील की थी। अब हाईकोर्ट ने भी साफ कर दिया है कि बच्चों के खिलाफ होने वाले ऐसे संगीन अपराधों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के अपराध समाज में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा करते हैं। Post navigation छत्तीसगढ़ पुलिस को मिला नया मुखिया, अरुण देव गौतम बने स्थायी डीजीपी 25 मजदूरों की मौत के बाद वेदांता प्लांट पहुंची कांग्रेस जांच टीम, अधिकारियों से पूछताछ, FIR पर उठाए सवाल