रायपुर। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की बचत को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जनता को ईंधन बचाने की सीख दी जा रही है, जबकि सरकार खुद बड़े स्तर पर खर्च और यात्राएं कर रही है।

भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा केवल सलाह देने की राजनीति कर रही है। उनके मुताबिक आम लोगों से पेट्रोल-डीजल बचाने की बात कही जा रही है, लेकिन सरकार के कामकाज में उसी गंभीरता का पालन नजर नहीं आता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता पर नियम लागू किए जाते हैं, जबकि सत्ता में बैठे लोग खुद उन नियमों का पालन नहीं करते।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विदेशों से आयात होने वाले कच्चे तेल के प्रबंधन को लेकर सरकार की नीति स्पष्ट नहीं है। बघेल का कहना है कि देश के भीतर ईंधन संकट जैसे हालात बनने लगे हैं और आम लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।

इधर, छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी खर्चों में कमी लाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। वित्त विभाग द्वारा सभी विभागों को केवल जरूरी कार्यों पर ही खर्च करने और अनावश्यक व्यय रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

नई व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों के काफिलों में वाहनों की संख्या सीमित की जाएगी। इसके अलावा कार्यालयों में वाहन पूलिंग सिस्टम लागू होगा, ताकि एक दिशा में जाने वाले कर्मचारी एक ही वाहन का उपयोग करें। ई-ऑफिस व्यवस्था को बढ़ावा देने और सरकारी विदेश यात्राओं पर नियंत्रण रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।

सरकार ने साफ किया है कि ये नियम 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगे। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देने के लिए IGOT कर्मयोगी पोर्टल के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया है।

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