कवर्धा। एक हेड कॉन्स्टेबल की संदिग्ध मौत ने पुलिस विभाग के भीतर हलचल मचा दी है। दो दिनों से गायब चल रहे पुलिसकर्मी का शव जंगल के बीच पेड़ पर लटका मिला। मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मृतक का नाम पहले एक हाईप्रोफाइल दुष्कर्म केस में सामने आ चुका था और उसे शादी के मंडप से गिरफ्तार किया गया था।

मृतक बहादुर सिंह मेरावी कवर्धा जिले के अंजना रेंगाखार गांव का रहने वाला था। वह पहले एसआईबी शाखा में पदस्थ था, लेकिन विवादों के बाद उसे रायपुर पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिया गया था।

गांव वालों ने देखा तो उड़ गए होश

रविवार सुबह लालपुर खार इलाके से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर जंगल किनारे एक पेड़ पर लटके शव पर पड़ी। पास जाकर देखा तो वह पुलिस वर्दी में नहीं था, लेकिन कुछ दूरी पर खड़ी बाइक से पहचान का सुराग मिला। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।

शव की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत करीब दो दिन पहले हुई होगी। आसपास के लोगों ने बताया कि इलाके में पिछले दो दिनों से किसी अजनबी की आवाजाही नहीं देखी गई थी।

एक साल पहले पूरे जिले में चर्चा में आया था नाम

बहादुर सिंह मेरावी वही हेड कॉन्स्टेबल है जिसे पिछले साल शादी के मंडप से गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि उसने एक युवती से प्रेम संबंध बनाए और बाद में दूसरी जगह शादी करने पहुंच गया। युवती की शिकायत के बाद पुलिस ने सीधे शादी समारोह में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया था।

इस मामले में वह जेल भी गया। बाद में जमानत मिलने के बाद उसकी वापसी तो हुई, लेकिन उसे फील्ड पोस्टिंग नहीं मिली और PHQ में अटैच रखा गया।

सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव जैसे पहलुओं को भी देखा जा रहा है। हालांकि पुलिस अभी खुलकर कुछ भी कहने से बच रही है।

विभाग के भीतर भी चर्चा तेज

एक तरफ पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विभाग के अंदर भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। क्योंकि मृतक पहले से विवादों में रहा था और हाल के महीनों में वह काफी दबाव में बताया जा रहा था।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच की बात कह रही है।


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