पेंड्रा/मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में सोमवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक दुर्लभ सफेद भालू गांव में घुस आया और एक ग्रामीण पर हमला कर दिया। आमाडांड गांव में रहने वाले कैलाश कुमार कासीपुरी सुबह शौच के लिए घर से बाहर निकले थे, तभी अचानक सफेद भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में कैलाश के बाएं हाथ में गंभीर चोट आई है।

घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई, जबकि दूसरी ओर इस दुर्लभ सफेद भालू को देखने लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर लगातार भालू की निगरानी कर रही है।

आखिर छत्तीसगढ़ में कैसे दिखा सफेद भालू?

विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में Polar Bear यानी ध्रुवीय भालू नहीं पाए जाते। छत्तीसगढ़ में दिखा यह जानवर असल में Sloth Bear यानी भालू की एक दुर्लभ प्रजाति का सदस्य माना जा रहा है, जिसका रंग एक जेनेटिक बदलाव के कारण सफेद दिखाई देता है।

इस स्थिति को एल्बिनिज्म (Albinism) या ल्यूसीज़्म कहा जाता है। इसमें शरीर में मेलानिन पिगमेंट की कमी हो जाती है, जिससे जानवर का रंग सफेद या हल्का हो जाता है।

छत्तीसगढ़ के मरवाही वन मंडल और कोरिया जिले के जंगलों में पहले भी ऐसे दुर्लभ सफेद भालू देखे जाने की बातें सामने आती रही हैं। यही वजह है कि इस बार भी वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञ इसे बेहद खास घटना मान रहे हैं।

गांव में मची अफरा-तफरी

सुबह करीब 5 बजे सफेद भालू को आमाडांड और बसंतपुर गांव के मुख्य चौक और बस स्टैंड के आसपास घूमते देखा गया। कुछ ग्रामीणों को उसने दौड़ाया भी, जिससे लोग जान बचाकर भागते नजर आए।

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और डिप्टी रेंजर बंजारा मौके पर पहुंचे। घायल युवक को इलाज के लिए पेंड्रा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ग्रामीणों ने वन विभाग पर लगाए आरोप

घटना के बाद ग्रामीणों ने जंगलों की कटाई और लगातार लग रही आग को वन्यजीवों के गांवों में आने की बड़ी वजह बताया। लोगों का कहना है कि जंगलों में भोजन और सुरक्षित माहौल कम होने के कारण जंगली जानवर अब आबादी वाले इलाकों की ओर भटक रहे हैं।

ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगलों में आग रोकने, गश्त बढ़ाने और गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

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