बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 महिला तस्करों समेत कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ACCU, सरकंडा थाना और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में करीब 104 किलो गांजा जब्त किया गया, जिसकी कीमत 53 लाख 80 हजार रुपए से ज्यादा बताई जा रही है।

रात 3 बजे पुलिस ने पकड़े इलेक्ट्रिक ऑटो

रविवार देर रात करीब 3 बजे ACCU टीम को सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन की तरफ से दो इलेक्ट्रिक ऑटो सीपत रोड की ओर जा रहे हैं, जिनमें भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है। इसके बाद मोपका चौकी पुलिस ने सीमेंट कंपनी के पास घेराबंदी कर दोनों ऑटो को रोक लिया।

तलाशी लेने पर कपड़ों की गठरियों और प्लास्टिक बोरियों के भीतर खाकी टेप से पैक 86 पैकेट गांजा मिला। कुल वजन 90 किलो निकला। पुलिस ने दो इलेक्ट्रिक ऑटो समेत करीब 46 लाख 75 हजार रुपए का सामान जब्त किया।

मजदूरी का बहाना, अंदर निकला गांजा

पूछताछ में महिलाएं खुद को मजदूरी करने के लिए ओडिशा जाने वाली बता रही थीं। पुलिस जांच में पता चला कि सभी महिलाएं ओडिशा से ट्रेन के जरिए गांजा लेकर आई थीं और कपड़ों की गठरियों के बीच छिपाकर उसे बिलासपुर में खपाने की तैयारी थी।

गिरफ्तार महिलाओं के नाम अशोक बाई, नंद कुमारी, लक्ष्मी शिकारी, द्रोपती शिकारी, ग्यास बाई, गंगा सिंह, रम्मती शिकारी और इंद्राणी हैं। सभी आरोपी सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम मटियारी की रहने वाली हैं।

रेलवे स्टेशन पर 3 और तस्कर गिरफ्तार

इधर जीआरपी ने बिलासपुर रेलवे स्टेशन में गीतांजलि एक्सप्रेस से गांजा लेकर पहुंचे 3 तस्करों को भी गिरफ्तार किया। मुखबिर की सूचना पर प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर घेराबंदी की गई।

पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम शेख आवेश, आमिर पठान और सलमान शाह निवासी अमरावती, महाराष्ट्र बताए। तलाशी के दौरान उनके बैग और शरीर में बांधे गए तकियानुमा कपड़ों के अंदर से 14 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद हुआ।

जब्त गांजे की कीमत करीब 7 लाख 5 हजार रुपए आंकी गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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