रायपुर। छत्तीसगढ़ इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लगातार चल रही गर्म हवाओं और तेज धूप ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए प्रदेश के 18 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं अगले 5 दिनों तक प्रदेश के मध्य हिस्सों में भीषण गर्मी बने रहने की संभावना जताई गई है।

इस बीच बिलासपुर जिले से दुखद खबर सामने आई है। जोंधरा गांव में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग का शव बाजार में जूते की दुकान के बाहर मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार बुजुर्ग पिछले दो महीनों से गांव में भीख मांगकर जीवन गुजार रहा था। पिछले दो दिनों से उसकी तबीयत खराब थी और वह भीषण गर्मी के बीच बाजार के आसपास पड़ा रहता था। आशंका जताई जा रही है कि उसकी मौत लू लगने से हुई है।

मौसम विभाग ने रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, कोरबा, जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बालोद जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। दोपहर के समय तेज गर्म हवाएं चल रही हैं और तापमान तेजी से बढ़ रहा है।

प्रदेश में शुक्रवार को सबसे ज्यादा तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया। वहीं रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ में भी तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया। रायगढ़ में हालात ऐसे हैं कि पंखे और कूलर भी बेअसर नजर आ रहे हैं। लोगों को रात में भी गर्म हवाओं से राहत नहीं मिल रही है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच बाहर निकलना बेहद खतरनाक हो सकता है। इस दौरान UV रेज का स्तर एक्सट्रीम कैटेगरी में पहुंच रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक लगातार धूप में रहने से सनबर्न, आंखों में जलन, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

मेकाहारा अस्पताल के डर्मेटोलॉजी विभाग के HOD डॉ. मृत्युंजय सिंह ने लोगों को जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। लोगों को ज्यादा पानी पीने, शरीर को ढंककर रखने और धूप से बचने की सलाह दी गई है।

बिलासपुर स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने कहा है। इमरजेंसी के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और कमजोरी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

भीषण गर्मी का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक ज्यादा तापमान के कारण लोगों में चिड़चिड़ापन, बेचैनी, तनाव और नींद की समस्या बढ़ रही है। विशेषज्ञों ने लोगों को दिन में ज्यादा से ज्यादा आराम करने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी है।

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