धमतरी। जिले के महानदी तट स्थित खरेंगा गांव में श्मशान भूमि पर रेत उत्खनन के दौरान 10 से अधिक मानव कंकाल बाहर आने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का आरोप है कि 6 से 7 फीट गहरी कब्रों तक पहुंचकर की गई खुदाई ने उनके पूर्वजों के अवशेषों को बाहर ला दिया, जिससे उनकी धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हुई हैं। 50-60 एकड़ क्षेत्र छोड़ श्मशान की 5 एकड़ भूमि तक पहुंचा खनन ग्रामीणों के अनुसार, जिस क्षेत्र में घटना हुई वह वर्षों से श्मशान भूमि के रूप में उपयोग किया जा रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि महानदी का 50 से 60 एकड़ क्षेत्र उपलब्ध होने के बावजूद खनन करने वालों ने श्मशान के लिए सुरक्षित करीब 5 एकड़ भूमि को भी नहीं छोड़ा। कब्रों की पहचान मिटने से लोगों में नाराजगी घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने आरोप लगाया कि रेत उत्खनन के कारण कई पुरानी कब्रें क्षतिग्रस्त हो गईं और दफनाए गए परिजनों की पहचान तक समाप्त हो गई है। कुछ ग्रामीणों ने दावा किया कि मिले अवशेष उनके परिवार के सदस्यों के हो सकते हैं। शिकायतों के बावजूद जारी रहा खनन ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से रेत खनन की शिकायतें की जाती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पंचायत स्तर पर खनन की सूचना देने वाले को 2 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा तक की गई थी, इसके बावजूद गतिविधियां जारी रहीं। प्रशासन ने अवशेषों को दोबारा दफनाया घटना के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मानव अवशेषों को पुनः दफनाने की प्रक्रिया कराई। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि अब यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि किस स्थान पर किस व्यक्ति के अवशेष मौजूद हैं। 5 ट्रैक्टर जब्त, माइनिंग इंस्पेक्टर को नोटिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र में रेत भंडारण एवं उत्खनन से जुड़ी अनुमति निरस्त कर दी है। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 5 ट्रैक्टर जब्त किए हैं तथा संबंधित माइनिंग इंस्पेक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही अवैध खनन और परिवहन के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सरपंच बोलीं- पूर्वजों के सम्मान से जुड़ा मामला गांव की सरपंच नीलम साहू ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि श्मशान भूमि में रेत खनन कई वर्षों से जारी है और इसकी शिकायतें भी होती रही हैं। उन्होंने कहा कि श्मशान क्षेत्र तक खुदाई पहुंचना ग्रामीणों की भावनाओं और पूर्वजों के सम्मान के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। शिकायत मिलते ही कार्रवाई की गई: कलेक्टर कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद प्रशासन की टीम को मौके पर भेजा गया और बाहर आए मानव अवशेषों को पुनः दफनाया गया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है तथा रेत उत्खनन और परिवहन में नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एक नजर में रेत भंडारण/उत्खनन की अनुमति निरस्त 10 से अधिक मानव कंकाल मिले 6-7 फीट गहरी कब्रों तक पहुंची खुदाई 50-60 एकड़ महानदी क्षेत्र उपलब्ध 5 एकड़ श्मशान भूमि प्रभावित 5 ट्रैक्टर जब्त 1 माइनिंग इंस्पेक्टर को नोटिस ₹2,000 इनाम की घोषणा पहले की गई थी JOHARPOST.IN धमतरी में रेत खनन के दौरान 10 से अधिक मानव कंकाल बाहर आए, ग्रामीणों में आक्रोश; प्रशासन ने रद्द की अनुमति#धमतरी #खरेंगागांव #महानदी #रेतखनन #रेतउत्खनन #मानवकंकाल #श्मशानघाट #ग्रामीणविरोध #नीलमसाहू #अविनाशमिश्रा #अवैधखनन #छत्तीसगढ़ #धमतरीसमाचार #प्रशासनिककार्रवाई pic.twitter.com/UHccAAIigm— JOHARPOST.IN (@johar_post) May 30, 2026 Post navigation मोनेट कंपनी ऑपरेटर की हत्या से सनसनी :कार में ले जाकर युवक को पीटा, मौत के बाद दफनाया शव CEO पांडे के तेवर से BJP नेता हुआ ठंडा? बोले- “तेरे को जो करना है कर”, VIDEO VIRAL”