कवर्धा। गन्ना भुगतान, खाद संकट और अन्य मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ किसान संघ के बैनर तले चल रहा किसानों का आंदोलन बुधवार को समाप्त हो गया। लगातार दूसरे दिन भी आंदोलन जारी रहा और बारिश के बावजूद किसान धरना स्थल पर डटे रहे। शाम को पंडरिया विधायक भावना बोहरा आंदोलन स्थल पहुंचीं और किसानों के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की। विधायक द्वारा चरणबद्ध भुगतान सहित अन्य मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया।

आंदोलन सहकारी शक्कर कारखाना परिसर के सामने पलानसरी मोड़ के पास किया जा रहा था। आंदोलन के दौरान किसानों ने पहले सभा की और बाद में ट्रैक्टर सड़क पर खड़े कर राष्ट्रीय राजमार्ग को भी कुछ समय के लिए जाम किया। बारिश के बावजूद किसान पूरी रात धरना स्थल पर डटे रहे।

30.55 करोड़ रुपये भुगतान की उठी मांग

किसानों ने गन्ना फसल का लंबित भुगतान तत्काल किए जाने की मांग उठाई। किसान संगठनों के अनुसार करीब 30 करोड़ 55 लाख रुपये का भुगतान लंबित है। इसमें मूल भुगतान के साथ रिकवरी राशि भी शामिल है। किसानों ने सरकार से शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।

विधायक ने दिया चरणबद्ध भुगतान का भरोसा

बैठक के दौरान विधायक भावना बोहरा ने किसानों को आश्वस्त किया कि 10 दिनों के भीतर 10 करोड़ रुपये के भुगतान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। वहीं शेष लंबित राशि का भुगतान अगले माह तक कराने का प्रयास किया जाएगा। विधायक ने किसानों की अन्य मांगों को भी संबंधित विभागों और शासन स्तर पर उठाने का भरोसा दिया।

इन मांगों पर भी हुई चर्चा

बैठक में किसानों ने गन्ना फसल को कृषक उन्नति योजना में शामिल करने, गन्ने का उचित समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने, सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने तथा दोषी विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। इसके अलावा धान के समर्थन मूल्य में केंद्र द्वारा की गई बढ़ोतरी का लाभ किसानों तक अलग से पहुंचाने की मांग भी उठाई गई।

किसानों ने दी चेतावनी

भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष डोमन चंद्रवंशी ने कहा कि विधायक ने किसानों की मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया है। किसान तय समय तक भुगतान और अन्य मांगों पर कार्रवाई का इंतजार करेंगे। यदि आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई नहीं हुई तो किसान दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।

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