रायपुर: विधानसभा के बजट सत्र में एलपीजी सिलेंडर की कमी और सड़क निर्माण जैसे मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि प्रदेश में सिलेंडर न मिलने से आम जनता और होटल संचालक परेशान हैं। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इसे सदन के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया, जिससे पक्ष-विपक्ष में तीखी नारेबाजी शुरू हो गई।

विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव की मांग की, सभापति ने खारिज किया

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जनहित को देखते हुए स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर चर्चा कराई जानी चाहिए, लेकिन सभापति ने यह कहकर प्रस्ताव खारिज कर दिया कि यह मामला केंद्र सरकार से जुड़ा है। इसके बाद विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल तक पहुंच गए और उन्हें बाद में सस्पेंड कर दिया गया।

कार्यक्रमों के भुगतान पर भाजपा विधायक ने सरकार घेरा

भाजपा विधायक लता उसेंडी ने मौखिक और लिखित आदेशों पर हुए कार्यक्रमों का भुगतान न होने का मुद्दा उठाया। मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि दस्तावेज मिलने पर जांच कर भुगतान कराया जाएगा। इस पर कवासी लखमा ने तंज कसते हुए कहा कि जब लता की ही सुनवाई नहीं हो रही, तो हमारी क्या होगी?

सड़क निर्माण और मरम्मत पर प्रश्नकाल में चर्चा

विधायक किरण सिंह देव ने सुकमा जिले में झीरम घाटी से एलेंगनार-उरकापाल-कांदानार तक 18 किलोमीटर सड़क निर्माण का सवाल उठाया। पीडब्ल्यूडी मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि इस सड़क के लिए 14.60 करोड़ रुपये तय किए गए और टेंडर 30 जनवरी 2023 को जारी हुआ। अब तक अर्थवर्क और जीएसबी तक का काम हुआ और 4.23 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। देरी का कारण क्षेत्र का नक्सल प्रभावित और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होना बताया गया।

विधायक पुन्नूलाल मोहले ने मुंगेली जिला की सड़कों की खराब स्थिति और दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया। पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव ने बताया कि मरम्मत और नवीनीकरण का काम लगातार जारी है। मुंगेली-नांदघाट रोड की 36 किलोमीटर सड़क का निर्माण 114 करोड़ रुपये की लागत से जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि शहर और ग्रामीण सड़कों का निर्माण टेंडर सहित जल्द शुरू होगा और नियमित संधारण का काम भी जारी है।

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