रेमंड के किंग विजयपत सिंघानिया का निधन, उद्योग जगत में शोक की लहर, 87 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा बोले विजयपत सिंघानिया, शांतिपूर्ण अंतिम सांस के बाद परिवार ने जताया दुःख, बेटा गौतम ने पुष्टि की नई दिल्ली | देश के प्रमुख उद्योगपति और विजयपत सिंघानिया का शनिवार शाम मुंबई में 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। परिवार के अनुसार उन्होंने शांतिपूर्वक अंतिम सांस ली। उनके बेटे गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस दुखद खबर की पुष्टि की। उन्होंने लिखा कि, “गहरे दुख के साथ हम पद्म भूषण डॉ. विजयपत कैलाशपत सिंघानिया के निधन की जानकारी दे रहे हैं।” उन्होंने अपने पिता को दूरदर्शी उद्योगपति, परोपकारी और प्रेरणादायक व्यक्तित्व बताया। अंतिम संस्कार की जानकारी कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार 29 मार्च को मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान में दोपहर 3 बजे किया जाएगा। इससे पहले दोपहर 1:30 बजे एलडी रुपारेल मार्ग स्थित हावेली में श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी। कौन थे विजयपत सिंघानिया? जन्म: 1938 पहचान: देश के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल नेतृत्व: Raymond Group के चेयरमैन और एमडी (1980–2000) उपलब्धि: टेक्सटाइल सेक्टर में Raymond को ग्लोबल पहचान दिलाई विजयपत सिंघानिया सिर्फ बिजनेसमैन ही नहीं, बल्कि एक जुनूनी एविएटर भी थे। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय उड़ान रिकॉर्ड बनाए और एडवेंचर स्पोर्ट्स में भी सक्रिय रहे। सम्मान और उपलब्धियां 2006: Padma Bhushan से सम्मानित 2001: टेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड 1994: भारतीय वायुसेना द्वारा मानद एयर कमोडोर 2006: मुंबई के शेरिफ Raymond Group कितना बड़ा बिजनेस है? Raymond Group भारत की सबसे बड़ी टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट कंपनियों में से एक है। अनुमानित वैल्यूएशन: लगभग ₹10,000–15,000 करोड़ (समय के अनुसार बदलता रहता है) मुख्य सेक्टर: सूटिंग-शर्टिंग रेडीमेड गारमेंट रियल एस्टेट ब्रांड वैल्यू: Raymond “The Complete Man” कैंपेन के लिए मशहूर उनके शेयर और संपत्ति की स्थिति 2015 में विजयपत सिंघानिया ने Raymond Group में अपनी लगभग 37% हिस्सेदारी बेटे गौतम सिंघानिया को ट्रांसफर कर दी थी। इसके बाद उनके पास कंपनी में सीधा बड़ा शेयर नहीं बचा। विवाद के दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे आर्थिक रूप से सीमित स्थिति में आ गए हैं—यह मामला काफी चर्चा में रहा। 2015 का पारिवारिक विवाद हिस्सेदारी ट्रांसफर के बाद पिता-पुत्र के रिश्तों में तनाव आया कई इंटरव्यू और बयानों में यह विवाद खुलकर सामने आया बावजूद इसके, उद्योग जगत में विजयपत सिंघानिया की छवि एक दूरदर्शी लीडर की बनी रही विरासत विजयपत सिंघानिया ने Raymond को एक पारंपरिक टेक्सटाइल कंपनी से एक आधुनिक ब्रांड में बदल दिया। उनका योगदान भारतीय उद्योग, एविएशन और एडवेंचर स्पोर्ट्स—तीनों क्षेत्रों में याद किया जाएगा। Post navigation सोशल मीडिया पर पीड़िता का नाम शेयर करने वालों पर सख्ती, सुप्रीम कोर्ट सख्त रायपुर में जयशंकर का संदेश: सिर्फ डिग्री नहीं, दुनिया की समझ भी जरूरी