20 लाख की फिरौती, नकली पुलिस गाड़ी और 3 राज्यों का नेटवर्क… 72 घंटे में सुलझी कारोबारी अपहरण की सनसनीखेज गुत्थी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही दिनदहाड़े घर के सामने से एक प्रतिष्ठित किराना व्यवसायी का अपहरण, फिर 20 लाख रुपये की फिरौती की मांग, नकली पुलिस वाहन का इस्तेमाल और तीन राज्यों तक फैला अपराधियों का नेटवर्क… मरवाही में सामने आए इस सनसनीखेज मामले ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। हालांकि पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर अपहृत व्यवसायी को सकुशल बरामद कर अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पढ़िए क्यों है यह खबर महत्वपूर्ण दिनदहाड़े कारोबारी का अपहरण 20 लाख रुपये की फिरौती की मांग महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से जुड़े आरोपी नकली पुलिस वाहन का इस्तेमाल 72 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा कारोबारी को सकुशल छुड़ाया गया घर के सामने से उठा ले गए कारोबारी जानकारी के अनुसार 20 जून 2026 को सुबह लगभग 11 बजे ग्राम उषाढ़ निवासी किराना व्यवसायी गिरीश यादव अपने घर के सामने मौजूद थे। इसी दौरान एक कार वहां पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन से उतरे हथियारबंद बदमाशों ने कारोबारी को धमकाया और पिस्तौल दिखाकर जबरन वाहन में बैठाकर फरार हो गए। घटना इतनी तेजी से हुई कि परिजन कुछ समझ पाते उससे पहले आरोपी कारोबारी को लेकर निकल चुके थे। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई। फिरौती के कॉल से मचा हड़कंप अपहरण के कुछ घंटे बाद परिजनों को अज्ञात नंबरों से फोन आने लगे। कॉल करने वालों ने 20 लाख रुपये की फिरौती की मांग करते हुए कारोबारी की जान से मारने की धमकी दी। परिजनों ने तत्काल मरवाही थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अपहरण और फिरौती का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। 72 घंटे तक चली हाईटेक जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने विशेष टीम गठित की। साइबर सेल, तकनीकी विशेषज्ञ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर डंप डेटा और विभिन्न इलाकों के CCTV फुटेज की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस धीरे-धीरे अपराधियों तक पहुंचने में सफल रही। तीन राज्यों से जुड़े निकले आरोपी लगातार दबिश और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं— पुंडलिक केंद्रे (लातूर, महाराष्ट्र) चंद्रशेखर (जोधपुर, राजस्थान) शेषपाल सिंह (फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश) प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि गिरोह पहले अपने संभावित शिकार की रेकी करता था और फिर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देता था। नकली पुलिस वाहन ने खोले बड़े राज जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक स्कॉर्पियो-एन वाहन बरामद किया। वाहन में नीली बत्ती लगी हुई थी और उस पर “पुलिस” लिखा हुआ था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी इसी वाहन का उपयोग लोगों को भ्रमित करने और आसानी से अपहरण जैसी वारदातों को अंजाम देने के लिए करते थे। हथियार, कारतूस और मोबाइल जब्त गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने— 1 पिस्तौल 6 जिंदा कारतूस 6 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मोबाइल फोन की जांच के जरिए पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और पूर्व में की गई संभावित वारदातों की जानकारी जुटा रही है। सकुशल मिला अपहृत व्यवसायी लगातार तीन दिनों तक चले ऑपरेशन के बाद पुलिस ने अपहृत व्यवसायी गिरीश यादव को सुरक्षित बरामद कर लिया। कारोबारी के सकुशल मिलने की खबर से परिवार और गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। 20 लाख की फिरौती, नकली पुलिस गाड़ी और 3 राज्यों का नेटवर्क… 72 घंटे में सुलझी कारोबारी अपहरण की सनसनीखेज गुत्थी#Marwahi #KidnappingCase #GirishYadav #RansomCase #CrimeNews #ChhattisgarhNews #JoharPost #BreakingNews #PoliceAction #InterstateGang pic.twitter.com/TozWYpS7WP— JOHARPOST.IN (@johar_post) June 23, 2026 Post navigation महासमुंद : 18 वर्षीय युवती की लाश नाले की रेत में दफन मिली, जन्मदिन के 3 दिन बाद मिला शव, बॉयफ्रेंड समेत 4 युवक हिरासत में लोहागढ़ किले की खाई में मिला कारोबारी का शव, जांच में खुला बड़ा रहस्य