जगदलपुर। जिले के सरगीपाल स्थित सरकारी तेंदूपत्ता गोदाम में बुधवार शाम अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां रखा करीब 1 हजार बोरा तेंदूपत्ता जलकर राख हो गया। आग लगने से पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया।

शुरुआती जानकारी में करीब 300 बोरा तेंदूपत्ता में आग लगने की बात सामने आई थी, लेकिन आग बढ़ने के बाद नुकसान का दायरा बढ़ गया। बाद में अधिकारियों ने बताया कि करीब 1 हजार बोरा तेंदूपत्ता जलकर खाक हो चुका है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों और वन अमले ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक गोदाम में रखा तेंदूपत्ता सुकमा जिले का सालभर पुराना स्टॉक था, जिसे सरगीपाल गोदाम में सुरक्षित रखा गया था। आग की घटना में भारी नुकसान हुआ है, हालांकि विभाग द्वारा अभी अंतिम आंकलन किया जा रहा है।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही गोदाम में सुरक्षा इंतजाम और आग लगने की वास्तविक वजह की भी जांच की जाएगी।

बीजापुर तेंदूपत्ता आगकांड के बाद बड़ा एक्शन, DFO रमेश जांगड़े हटाए गए

बीजापुर जिले में हाल ही में हुए भीषण तेंदूपत्ता गोदाम आगकांड के बाद राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। आग की घटना में लगभग 18 हजार बोरे तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गए थे, जिससे 10 करोड़ रुपए से ज्यादा के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इसके बाद बीजापुर के DFO रमेश कुमार जांगड़े को पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह अब सागर जाधव को नया DFO नियुक्त किया गया है।

सरकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। वन विभाग आग लगने की असली वजह, सुरक्षा व्यवस्था और बीमा क्लेम समेत सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। शुरुआती जांच में कई बिंदुओं पर सवाल खड़े हुए हैं, जिसके बाद विभागीय स्तर पर सख्ती बढ़ा दी गई है।

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