Strait of Hormuz:पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के बीच भारत ने अपने हितों की रक्षा करते हुए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता हासिल की है। सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच उच्च स्तरीय टेलीफोनिक बातचीत के बाद, ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है।क्यों अहम है यह समझौताStrait of Hormuz दुनिया का वह प्रमुख समुद्री मार्ग है जहाँ से वैश्विक कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा गुज़रता है। वर्तमान युद्ध की स्थिति में इस मार्ग पर ट्रैफिक लगभग 90% तक घट गया था, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया।भारत के लिए यह समझौता किसी बड़े वरदान से कम नहीं है। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी और पेट्रोल-डीज़ल व गैस की आपूर्ति में स्थिरता बनी रहेगी। कूटनीतिक और वैश्विक महत्व यह भारत की सक्रिय और संतुलित कूटनीति की सफलता है। बिना सैन्य हस्तक्षेप के, संवाद के माध्यम से अपने हित सुरक्षित करना भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को मजबूत करता है। वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता बनी रहेगी और कीमतों पर अनावश्यक दबाव कम होगा। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भारत को न केवल ऊर्जा संकट से बचाएगा, बल्कि क्षेत्रीय तनाव में संतुलन बनाए रखने में भी मदद करेगा। Post navigation विधानसभा बजट सत्र में एलपीजी और सड़क निर्माण मुद्दों पर हंगामा