बॉबी ठाकुर, रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने डिप्टी सीएम एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के हालिया बयान पर तीखा पलटवार करते हुए सरकार को कई मुद्दों पर घेरा है।

“प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह विफल”

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि खुद गृह मंत्री यह स्वीकार कर रहे हैं कि “प्रदेश में किसी व्यक्ति का राज नहीं है”, लेकिन हकीकत यह है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती को आम जनता पकड़ रही है, जबकि पुलिस तंत्र लगातार नाकाम साबित हो रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी उठाए सवाल

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए शुक्ला ने कहा कि विजय शर्मा ने आदेश को ठीक से पढ़ा ही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई नया प्रावधान नहीं है, बल्कि पहले से लागू नियम है।
शुक्ला के अनुसार, यदि कोई अनुसूचित जाति (SC) का व्यक्ति ईसाई या मुस्लिम धर्म अपनाता है, तो उसे कानूनी रूप से SC श्रेणी से बाहर कर दिया जाता है। जबकि हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म में रहने या परिवर्तित होने पर ही आरक्षण का लाभ मिलता है।

नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन पर घेरा

कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार पर नक्सलवाद के मुद्दे पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कई बार डेडलाइन दी गई है कि 31 मार्च 2026 के बाद प्रदेश से नक्सलवाद खत्म हो जाएगा।

शुक्ला ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर वास्तव में ऐसा होता है तो कांग्रेस सरकार को बधाई देगी, लेकिन सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या सच में नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।

“सुरक्षा बल हटेंगे तो ही मानेंगे”

उन्होंने आगे कहा कि जिस दिन प्रदेश से NSG गार्ड और पैरामिलिट्री फोर्स हटा ली जाएगी, उसी दिन यह माना जाएगा कि नक्सलवाद खत्म हुआ है। वर्तमान में इन सुरक्षा व्यवस्थाओं पर राज्य सरकार को हर साल लगभग 22 हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

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