जगदलपुर। बस्तर में पहली बार आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक के बीच मंगलवार को राजनीतिक माहौल भी गरमा गया। एक ओर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की मौजूदगी में नक्सलवाद, सुरक्षा और विकास जैसे मुद्दों पर हाई-प्रोफाइल बैठक चल रही थी, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने गृहमंत्री अमित शाह को ज्ञापन सौंपने के लिए रैली निकाली, लेकिन पुलिस ने शहर के भीतर ही रैली को रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। मौके पर काफी देर तक नारेबाजी और हंगामे का माहौल बना रहा। इस विरोध प्रदर्शन में पीसीसी चीफ Deepak Baij, पूर्व मंत्री Mohan Markam, विधायक Lakheshwar Baghel, Vikram Mandavi और Savitri Mandavi समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे। रैली रोकने से नाराज कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर लोकतंत्र दबाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि वे जनता की समस्याओं और बस्तर से जुड़े मुद्दों को लेकर गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। इधर, जगदलपुर में चल रही मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक को केंद्र सरकार बस्तर की बदलती तस्वीर के रूप में पेश कर रही है। बैठक में छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल हुए। नक्सल उन्मूलन, राज्यों के बीच समन्वय, आदिवासी विकास और डिजिटल गवर्नेंस जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है। सरकार इसे बस्तर में बदलते हालात और विकास की नई शुरुआत बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे केवल राजनीतिक प्रदर्शन करार दे रही है। बैठक और विरोध प्रदर्शन के बीच पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। Post navigation बस्तर से देश को बड़ा संदेश! अमित शाह की मौजूदगी में हुई हाई-प्रोफाइल बैठक, नक्सलवाद और विकास पर बड़ा मंथन रायपुर में चाकूबाजी से दहशत: पैसों के विवाद में युवक की हत्या, 24 घंटे में तीन बड़ी वारदातें