जगदलपुर। बस्तर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने अध्यक्षता की। बैठक में Vishnu Deo Sai, Yogi Adityanath, Mohan Yadav और Pushkar Singh Dhami समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में नक्सल उन्मूलन, राज्यों के बीच इंटेलिजेंस शेयरिंग, आदिवासी विकास, डिजिटल गवर्नेंस और रेल नेटवर्क विस्तार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। खासतौर पर नक्सल प्रभावित इलाकों में संयुक्त रणनीति और बेहतर समन्वय पर फोकस रखा गया।

इस बैठक को सिर्फ प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बस्तर की बदलती तस्वीर के बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। जिस इलाके में कभी बड़े नेताओं का पहुंचना मुश्किल माना जाता था, वहां अब चार राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री एक साथ मौजूद दिखे। इसे सुरक्षा हालात में सुधार और सरकार की रणनीति की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

गृह मंत्री अमित शाह लगातार यह कहते रहे हैं कि केंद्र सरकार देश से नक्सलवाद खत्म करने के मिशन पर काम कर रही है। पिछले कुछ महीनों में बस्तर संभाग में सुरक्षाबलों ने कई बड़े अभियान चलाए, जिनमें कई नक्सली मारे गए या गिरफ्तार किए गए। सरकार की ओर से दावा किया गया है कि बस्तर अब तेजी से नक्सलवाद मुक्त क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है।

बैठक के जरिए सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की कि बस्तर अब सिर्फ संघर्ष की पहचान नहीं रहेगा, बल्कि विकास, पर्यटन और निवेश का नया केंद्र बनेगा। सड़क, बिजली, जल संसाधन और डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।

बस्तर दौरे के दौरान अमित शाह नेतानार गांव पहुंचे और अमर शहीद Gundadhur को याद करते हुए कहा कि सरकार इस ऐतिहासिक धरती को नई पहचान देने का काम करेगी।

वहीं Deepak Baij ने बैठक को लेकर सवाल

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