CM हाउस में देर रात बैठक, क्या बदलने वाला है बड़ा समीकरण?

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार रात मुख्यमंत्री निवास में मंत्रिपरिषद के सदस्यों की अहम बैठक बुलाई। बैठक को लेकर दिनभर राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इन अटकलों को खारिज करते हुए इसे नियमित संगठनात्मक और समन्वय बैठक बताया।

विजय शर्मा ने कहा कि यह बैठक समय-समय पर आयोजित होने वाली समीक्षा बैठकों का हिस्सा है। इसमें मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों के स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों की प्रगति और सरकार तथा संगठन के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरकार के ढाई साल के कार्यकाल की समीक्षा की और आगामी ढाई साल के लिए कार्ययोजना पर मंत्रियों से सुझाव लिए। बैठक का उद्देश्य शासन की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना और विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना था।

बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा सहित मंत्री केदार कश्यप, गुरु खुशवंत साहेब, लक्ष्मी राजवाड़े, दयाल दास बघेल, टंकराम वर्मा, लखन लाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल और अन्य मंत्री शामिल हुए।

बैठक की सूचना मिलने के बाद कई मंत्रियों ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में बदलाव किया और रायपुर पहुंचे। बताया गया कि कुछ मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में व्यस्त थे, लेकिन मुख्यमंत्री की बैठक में शामिल होने के लिए तत्काल राजधानी पहुंचे।

राजनीतिक हलकों में बैठक को मंत्रिमंडल फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन विजय शर्मा के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि बैठक का मुख्य फोकस सरकार के कामकाज की समीक्षा, विकास कार्यों की निगरानी और संगठनात्मक समन्वय को मजबूत करना था।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा मंत्रियों की अचानक बुलाई गई बैठक को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि भाजपा सरकार ढाई साल में ही फेल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में संतुलन की कमी है और विभागों में भ्रष्टाचार व बंदरबांट चल रही है।

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