छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। CBI की विशेष अदालत में चल रही आगे की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने CBI की विशेष अदालत में उनके खिलाफ चल रही आगे की कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान दिया। यह मामला वर्ष 2017 का है। आरोप है कि तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत की कथित मॉर्फ्ड अश्लील सीडी बनाकर उनकी छवि खराब करने की साजिश रची गई थी। मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी। CBI ने अपनी चार्जशीट में भूपेश बघेल समेत अन्य आरोपियों पर आपराधिक साजिश, जालसाजी, फर्जी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के उपयोग और अश्लील सामग्री के प्रसार से जुड़े आरोप लगाए थे। इस मामले में विनोद वर्मा का नाम भी सामने आया था। मार्च 2025 में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सबूतों के अभाव में भूपेश बघेल को डिस्चार्ज कर दिया था। लेकिन जनवरी 2026 में CBI की विशेष अदालत ने उस आदेश को रद्द करते हुए उनके खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया। इसी आदेश को चुनौती देते हुए भूपेश बघेल ने 24 जनवरी 2026 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल के वकील हर्षवर्धन परगनिहा ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। यदि इस दौरान ट्रायल जारी रहता है तो हाईकोर्ट में लंबित याचिका का उद्देश्य समाप्त हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है जिससे भूपेश बघेल की कथित साजिश में भूमिका साबित हो सके। दलीलों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने CBI की विशेष अदालत में चल रही आगे की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी। अब अगली सुनवाई तक भूपेश बघेल के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में कोई आगे की कार्रवाई नहीं होगी। Post navigation रायपुर में शराब दुकानों के संचालन पर नया विवाद: इनोवसोर्स के कार्यालय, भर्ती प्रक्रिया और कथित सिंडिकेट पर उठे गंभीर सवाल बलोद में मूंछ पर ताव देने के बाद भड़का विवाद… बाइक को टक्कर मारकर युवक की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या