चार थानों की सीमा पार कर पहुंच गए तस्कर, अब पुलिस व्यवस्था पर उठे सवाल धमतरी/महासमुंद। छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी का एक नया तरीका सामने आया है। महासमुंद और धमतरी पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो खुद को कपड़ा फेरीवाला बताकर गांव-गांव और शहरों में घूमता था। आरोपियों की बाइक पर कपड़ों के गट्ठर बंधे रहते थे, लेकिन उन्हीं के नीचे लोहे से बने गुप्त बॉक्स में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में 378 किलो गांजा बरामद किया है। जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 1.90 करोड़ रुपए बताई जा रही है। कार्रवाई में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। CG Crime : ओडिशा से मध्यप्रदेश तक फैला गांजा नेटवर्क, 378 किलो माल के साथ 12 गिरफ्तार#गांजातस्करी #महासमुंद #धमतरी #CGCrime #छत्तीसगढ़ #DrugSmuggling #PoliceAction #BreakingNews #CrimeNews #JoharPost pic.twitter.com/aphUioqaRW— JOHARPOST.IN (@johar_post) May 12, 2026 सड़क पर लगाते थे ‘कपड़े ले लो’ की आवाज, अंदर चल रहा था अवैध कारोबार बसना पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से कुछ संदिग्ध युवक बाइक के जरिए गांजा लेकर महासमुंद की ओर बढ़ रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने मुख्य मार्गों पर चेकिंग शुरू की। कुछ देर बाद 5 बाइक एक साथ आती दिखाई दीं। सभी बाइक पर कपड़ों के बड़े-बड़े गट्ठर बंधे थे। युवक खुद को फेरी लगाकर कपड़े बेचने वाला बता रहे थे और लोगों को आवाज देकर कपड़े खरीदने के लिए बुला रहे थे। पहली नजर में सब सामान्य लगा, लेकिन पुलिस को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब बाइक की गहराई से जांच की गई तो पूरा खेल सामने आ गया। बाइक की सीट के नीचे बना रखा था सीक्रेट चैंबर जांच में पुलिस ने पाया कि बाइक की पिछली सीट के नीचे खास डिजाइन का लोहे का फ्रेम और गुप्त चैंबर तैयार किया गया था। ऊपर कपड़े रख दिए जाते थे ताकि किसी को शक न हो। जैसे ही पुलिस ने कपड़ों का सामान हटाया, अंदर से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। आरोपियों ने तस्करी के लिए बाइक को इस तरह मॉडिफाई कराया था कि बाहर से देखने पर वह सामान्य फेरीवाले की गाड़ी लगे। पुलिस ने इस कार्रवाई में 215 किलो गांजा जब्त कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ओडिशा से आती थी खेप, मध्यप्रदेश तक था सप्लाई नेटवर्क पूछताछ में सामने आया कि गांजा ओडिशा के बालिगुड़ा इलाके से लाया जा रहा था। इसके बाद इसे मध्यप्रदेश और दूसरे राज्यों तक पहुंचाया जाता था। महासमुंद जिले में ही दूसरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 23 किलो गांजा के साथ 3 तस्करों को पकड़ा। वहीं कोमाखान क्षेत्र में चेकिंग के दौरान 9 किलो 60 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल 7 बाइक, कई मोबाइल फोन और गांजा छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए लोहे के विशेष जाल भी जब्त किए हैं। धमतरी में भी इसी पैटर्न पर चल रहा था नेटवर्क धमतरी जिले के केरेगांव इलाके में भी पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा। इनमें एक नाबालिग शामिल है। आरोपी बाइक पर कपड़ों का सामान लेकर घूम रहे थे और खुद को फेरीवाला बता रहे थे। जांच में यहां भी वही तरीका सामने आया। बाइक में लोहे के एंगल और छिपे हुए बॉक्स बनाकर गांजा रखा गया था। पुलिस ने यहां से 131 किलो से ज्यादा गांजा जब्त किया। चार थाना क्षेत्र पार कर पहुंच गए तस्कर, सिस्टम पर उठे सवाल धमतरी में पकड़े गए तस्कर केरेगांव पहुंचने से पहले कई थाना क्षेत्रों से होकर निकले थे। ऐसे में स्थानीय चेकिंग व्यवस्था और सूचना तंत्र पर सवाल उठने लगे हैं। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा लेकर आरोपी कई इलाकों को पार करते रहे, लेकिन किसी भी स्तर पर उनकी गतिविधियों पर संदेह नहीं हुआ। अब पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस बोली- तस्कर लगातार बदल रहे तरीके जांच अधिकारियों का कहना है कि गांजा तस्कर लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। इससे पहले एंबुलेंस, फल परिवहन और मूवर्स एंड पैकर्स की आड़ में भी तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं। इस बार आरोपियों ने कपड़ा फेरीवालों का रूप अपनाया ताकि गांवों और बाजारों में आसानी से घूम सकें और पुलिस को शक न हो। महासमुंद से गिरफ्तार आरोपी मेताप टाटिया, खंडवा रमेश चौहान, बैतूल राजू कुमावत टाकिया, बैतूल दीपक राजपूत, ललितपुर बॉर्डर क्षेत्र प्रकाश बंजारा, रायसेन मोहम्मद रिहान, अनुपपुर मनोज सिंह, अनुपपुर चंद्रशेखर, नागपुर जितेंद्र, नागपुर विकास, नागपुर धमतरी से गिरफ्तार आरोपी राजेश ओबनी, बैतूल दौलत सिंह, रायसेन एक नाबालिग आरोपी Post navigation 6 साल बाद बेटे को सीने से लगाकर फूट-फूटकर रोई मां: कोरोना में बिछड़ा था 11 साल का दीपक, मदर्स डे पर पुलिस ने कराया मिलन Food Poisoning : तरबूज खाने के बाद बिगड़ी 4 बच्चों की तबीयत, एक की मौत… जांजगीर में फूड पॉइजनिंग से हड़कंप