रायपुर से तमिलनाडु तक भटकता रहा मासूम, ‘ऑपरेशन मुस्कान’ ने खत्म किया मां का इंतजार

बॉबी सिंह ठाकुर/रायपुर। कोरोना महामारी के दौरान अपने 11 साल के बेटे से बिछड़ी एक मां का 6 साल लंबा इंतजार आखिरकार मदर्स डे के मौके पर खत्म हो गया। राजधानी रायपुर की रहने वाली कुंती सोना ने शायद ही कभी सोचा होगा कि जिस बेटे को हालात के चलते रिश्तेदारों के पास छोड़कर गई थीं, वह हजारों किलोमीटर दूर तमिलनाडु पहुंच जाएगा। लेकिन उम्मीद की डोर थामे बैठी मां को आखिरकार पुलिस ने उसके बेटे दीपक सोना से मिला दिया। बेटे को सामने देखते ही मां की आंखों से आंसू बह निकले और थाना परिसर भावुक माहौल में बदल गया।

लॉकडाउन में मायके गई मां, रिश्तेदारों के घर से चला गया बच्चा

जानकारी के मुताबिक, साल 2020 में कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान कुंती सोना लोगों के घरों में काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती थीं। हालात बिगड़ने पर वह अपने मायके चली गईं और अपने 11 साल के बेटे दीपक को रायपुर में रिश्तेदारों के पास छोड़ दिया। इसी दौरान पारिवारिक तनाव और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर मासूम दीपक घर छोड़कर निकल गया।

ट्रेन में बैठकर पहुंच गया हजारों किलोमीटर दूर

घर से निकला दीपक बिना किसी ठिकाने के ट्रेन में बैठता गया और भटकते-भटकते तमिलनाडु पहुंच गया। वहां उसे एक आश्रम में सहारा मिला, जहां वह पिछले 6 साल से रह रहा था। बताया जा रहा है कि दीपक कई बार अपने घर लौटना चाहता था, लेकिन दूरी और संसाधनों की कमी के कारण वह रायपुर वापस नहीं आ सका।

‘ऑपरेशन मुस्कान’ बना मां के लिए उम्मीद की किरण

रायपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ और ‘तलाश अभियान’ के तहत खमतराई थाना में दर्ज गुमशुदगी के पुराने मामलों की दोबारा जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को दीपक के तमिलनाडु में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दीपक को सुरक्षित रायपुर लेकर आई।

मदर्स डे पर मिला बेटा, भावुक हो उठा थाना परिसर

मदर्स डे के मौके पर जब कुंती सोना ने 6 साल बाद अपने बेटे को देखा तो वह खुद को रोक नहीं सकीं। मां-बेटे की मुलाकात देखकर थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी भी भावुक हो गए। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन मुस्कान का मकसद बिछड़े बच्चों को उनके परिवार से मिलाना है और यह सफलता उसी अभियान का हिस्सा है।

पुलिस की अपील- बच्चों पर रखें नजर, मानसिक दबाव न बनाएं

पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों पर जरूरत से ज्यादा मानसिक दबाव न बनाएं और उनके व्यवहार में बदलाव दिखने पर तुरंत ध्यान दें। कई बार छोटी-छोटी बातें बच्चों को घर छोड़ने जैसे बड़े कदम उठाने पर मजबूर कर देती हैं।

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