एक साल से कम समय में पुलिस विभाग ने गाड़ियों पर फूंके 130 करोड़ रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में किराये की गाड़ियों पर हुए खर्च का बड़ा आंकड़ा सामने आया है। पुलिस मुख्यालय से जुड़े दस्तावेज के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 16 फरवरी 2026 तक प्रदेशभर में किराये पर लिए गए वाहनों पर कुल 1,30,03,20,413 रुपये खर्च किए गए हैं। दस्तावेज में बताया गया है कि राज्य के अलग-अलग जिला पुलिस इकाइयों में कुल 61 हजार 347 वाहन किराये पर लगाए गए। इन वाहनों के एवज में करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया। आंकड़ों के अनुसार रायपुर कमिश्नरेट और रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में सबसे ज्यादा खर्च दर्ज हुआ है। यहां 6600 वाहनों पर करीब 15.51 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वहीं बीजापुर जिले में 6997 वाहनों पर लगभग 26.30 करोड़ रुपये खर्च होने का उल्लेख है। इसके अलावा बस्तर, कांकेर, बिलासपुर, कवर्धा, दुर्ग और सुकमा जैसे जिलों में भी करोड़ों रुपये वाहन किराये पर खर्च किए गए हैं। दस्तावेज के सामने आने के बाद अब सरकारी खर्च को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में वाहनों की जरूरत क्यों पड़ी और इनके उपयोग की मॉनिटरिंग कैसे की जा रही है। “चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 दिनांक 16.02.2026 तक किराये पर लिये गये वाहन” टेबल में तीन मुख्य कॉलम हैं: राज्य के जिला पुलिस इकाई का नाम वाहनों की संख्या किराया राशि यह सूची छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में पुलिस द्वारा किराये पर लिए गए वाहनों और उन पर खर्च राशि की जानकारी देती है। कुछ प्रमुख एंट्री: जिलावाहनकिराया राशिकमिश्नरेट रायपुर एवं रायपुर ग्रामीण6600₹15,51,44,247बिलासपुर3199₹6,35,53,716जांजगीर-चांपा525₹63,41,844कवर्धा2585₹4,68,68,168दुर्ग2300₹3,47,48,067बीजापुर6997₹26,30,78,000बस्तर3881₹7,46,80,909कांकेर3659₹7,58,31,996 सबसे नीचे कुल योग लिखा है: कुल वाहन: 61,347 कुल किराया राशि: ₹1,30,03,20,413 Post navigation रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के 45 हजार छात्रों को फिर देना होगा एग्जाम …फीस होगी वापस, नहीं करना होगा दोबारा रजिस्ट्रेशन सिम्स में अवैध वसूली की शिकायत, एक्स-रे के लिए मांगे 600 रुपए…अधीक्षक ने बैठाई जांच