बालोद में आवारा कुत्तों का हमला, 10 बकरियों को नोचकर मार डाला बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आवारा कुत्तों के आतंक का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां 20 से अधिक कुत्तों के झुंड ने बकरियों पर हमला कर दिया, जिसमें 10 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद एक बुजुर्ग चरवाहे का रोते-बिलखते वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जंगल में चराई के दौरान हुआ हमला घटना बालोद कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, रानीतराई निवासी बुजुर्ग निर्मल यादव अपनी पत्नी के साथ रोज की तरह बकरियों को चराने जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान अचानक 20 से अधिक आवारा कुत्तों का झुंड वहां पहुंचा और बकरियों पर हमला कर दिया। दंपती को भी दौड़ाया, जान बचाकर भागे कुत्तों के हमले से स्थिति इतनी भयावह हो गई कि निर्मल यादव और उनकी पत्नी को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान कुत्तों ने बकरियों को घेरकर एक-एक कर नोच डाला। कुछ ही देर में 10 बकरियों की मौत हो गई और घटनास्थल पर लाशें बिखरी पड़ी थीं। रोते-बिलखते नजर आया चरवाहा हमले के बाद जब स्थिति शांत हुई तो निर्मल यादव वापस मौके पर पहुंचे। अपनी बकरियों की लाशें देखकर वह फूट-फूटकर रोने लगे। यह दृश्य इतना भावुक था कि वहां मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। 1 लाख से ज्यादा का नुकसान, मुआवजे की मांग इस घटना में करीब 1 लाख रुपए से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। पीड़ित परिवार का मुख्य आय स्रोत बकरी पालन ही था। अब उन्होंने शासन-प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना गौरतलब है कि इससे पहले सरगुजा में भी आवारा कुत्तों के हमले में 15 हिरणों की मौत हो चुकी है। वहां कुत्ते पार्क परिसर में घुस गए थे और हिरणों को दौड़ा-दौड़ाकर मार डाला था। इस मामले में लापरवाही सामने आने पर 4 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था। बढ़ता खतरा, उठ रहे सवाल लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर आवारा कुत्तों पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन क्या कदम उठा रहा है। ग्रामीण इलाकों में इस तरह के हमले लोगों की आजीविका पर सीधा असर डाल रहे हैं। Post navigation छत्तीसगढ़ 12वीं रिजल्ट जारी : टॉपर्स को मिलेंगे 1.5 लाख, 19 लड़कियों ने 90%+ अंक हासिल कर मचाया धमाल…प्रदेश में पहला स्थान जिज्ञासु वर्मा ने हासिल किया छत्तीसगढ़ विधानसभा : “चुनावी झुनझुना” बनाम “महिला अधिकार”, सदन में भिड़ंत