रायपुर। राजधानी पुलिस ने एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन के तहत पुलिस ने शहर के पिथालिया कॉम्प्लेक्स (गंज) और अंजनी टॉवर (न्यू राजेन्द्र नगर) समेत कुल 3 अवैध कॉल सेंटरों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में कुल 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और मेघालय के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह का मास्टरमाइंड अहमदाबाद (गुजरात) से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह विदेशी, खासकर अमेरिकी नागरिकों को लोन दिलाने और CIBIL स्कोर सुधारने के नाम पर ठगी करता था। आरोपी “डिजिटल अरेस्ट” और फर्जी वारंट दिखाकर पीड़ितों को डराते थे और उनसे पैसे ऐंठते थे। ठगी की रकम को गिफ्ट कार्ड के जरिए डॉलर से रुपये में बदला जाता था और हवाला नेटवर्क के जरिए मास्टरमाइंड तक पहुंचाया जाता था। पुलिस के अनुसार, केवल एक कॉल सेंटर से ही करीब 50 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 67 मोबाइल, 18 लैपटॉप, 28 कंप्यूटर और 3 वाईफाई राउटर जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 16.53 लाख रुपये बताई जा रही है। रायपुर क्राइम DCP स्मृतिक राजनाला ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह एक संगठित अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह है, जिसकी जांच अभी जारी है और आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं। JOHARPOST.IN Post navigation ब्रेकिंग न्यूज़ | उरकुरा के शीतला तालाब में महिला की तैरती लाश, बाएं हाथ पर ‘महाकाल’ टैटू बना पहचान का सुराग किराये पर दी गई गाड़ियां नहीं लौटीं तो पुलिस ने की कार्रवाई, 10 वाहन बरामद कर मालिकों को सौंपे