रायपुर। राजधानी में किराये पर दिए गए वाहनों को लेकर सामने आए मामलों में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 10 वाहनों को बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिया। पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के पास पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें आ रही थीं। वाहन मालिकों ने बताया था कि उन्होंने अपनी गाड़ियां किराये पर दी थीं, लेकिन न तो उन्हें किराया मिल रहा है और न ही वाहन वापस किए जा रहे हैं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए DCP मयंक गुर्जर ने मामलों की जांच शुरू करवाई। जांच में सामने आया कि वाहन मालिकों ने अपने वाहन प्रेमराज साहू (निवासी आमासिवनी, रायपुर) के माध्यम से किराये पर चलाने के लिए दिए थे। इन वाहनों का किरायानामा शशिकांत यादव और रोहित के साथ किया गया था। हालांकि तय समय के बाद भी वाहन मालिकों को न तो किराया मिला और न ही उनके वाहन लौटाए गए। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस की मदद ली। पुलिस ने दस्तावेजों और तथ्यों की जांच के बाद 25 मार्च 2026 को कार्रवाई करते हुए 10 वाहनों को बरामद कर सभी वाहन मालिकों को उनके सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई के बाद वाहन मालिकों ने राहत की सांस ली है। JOHARPOST.IN Post navigation रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 42 आरोपी गिरफ्तार फर्जी MBBS डिग्री और पोस्ट ऑफिस नौकरी घोटाला: 2.34 करोड़ की ठगी में महिला आरोपी गिरफ्तार