JOHARPOST.IN | विशेष रिपोर्ट

बरसात से पहले उजड़ गया नकटी गांव! रात खुले आसमान के नीचे गुजरी, अब सियासत भी तेज

बुलडोजर कार्रवाई के बाद बेघर हुए परिवारों का दर्द, पुनर्वास पर उठे सवाल, कांग्रेस नेताओं ने पहुंचकर सरकार को घेरा


रायपुर से JOHARPOST.IN

रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई अब केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह मानवीय संकट और राजनीतिक टकराव का बड़ा मुद्दा बन गई है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद दर्जनों परिवारों के सिर से छत चली गई और कई लोगों ने पूरी रात खुले आसमान के नीचे बिताई। बच्चों की भूख, महिलाओं की बेबसी और बुजुर्गों की चिंता ने पूरे घटनाक्रम को बेहद संवेदनशील बना दिया है।

मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे, जबकि इससे पहले देर रात कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय भी गांव पहुंचे और लोगों की समस्याएं सुनीं। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि सभी प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


तड़के शुरू हुई कार्रवाई, देखते ही देखते उजड़ गए घर

ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार तड़के बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचा। इसके बाद बुलडोजर की कार्रवाई शुरू हुई और कई मकान धराशायी कर दिए गए।

कार्रवाई के दौरान कई परिवार अपने घरों से जरूरी सामान तक पूरी तरह नहीं निकाल सके। कई लोग टूटे हुए मकानों के मलबे के बीच घंटों बैठे रहे, जबकि महिलाएं और बच्चे रोते-बिलखते नजर आए।


रातभर खुले आसमान के नीचे रहे परिवार

कार्रवाई खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में परिवारों के पास रहने के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं बचा। कई लोगों ने खुले मैदान और सड़क किनारे रात बिताई।

ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह रात बेहद कठिन रही। लोगों का आरोप है कि बारिश के मौसम में इस तरह की कार्रवाई ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।


पुनर्वास पर भी उठे सवाल

प्रभावित परिवारों ने दावा किया कि पुनर्वास के नाम पर उन्हें जो आवास उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है, वह बड़े परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवारों में 10 से 14 सदस्य हैं, लेकिन उन्हें एक कमरे का आवास देने की बात कही जा रही है। साथ ही बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए।


सांसद के आश्वासन को लेकर नाराजगी

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले जनप्रतिनिधियों ने बारिश के दौरान किसी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं होने का भरोसा दिया था। इसी वजह से लोगों को उम्मीद थी कि फिलहाल कार्रवाई टाल दी जाएगी, लेकिन अचानक बुलडोजर चलने से लोगों में नाराजगी है।


कांग्रेस नेताओं ने सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और कहा कि बेघर हुए लोगों को न्याय दिलाने की लड़ाई में कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी इस कार्रवाई को लेकर सरकार की आलोचना की। वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी बरसात के समय हुई कार्रवाई को संवेदनशीलता से जोड़ते हुए सवाल उठाए।


प्रशासन का पक्ष

प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में बसाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, परिवारों का सामान भी वहां पहुंचाया जा रहा है और पुनर्वास की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी।


बच्चों की आंखों में डर, परिवारों के सामने भविष्य की चिंता

कार्रवाई के दौरान कई बच्चों ने बताया कि सुबह से खाना तक नहीं बन पाया था। अचानक शुरू हुई कार्रवाई के कारण परिवार अपने दैनिक सामान और जरूरी वस्तुएं भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं निकाल सके। अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि बारिश के मौसम में रहने और बच्चों की पढ़ाई जैसी जरूरतें कैसे पूरी होंगी।



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